छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पुलिस ने दो गंभीर आपराधिक मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में एक आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने के आरोप में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। वहीं दूसरे मामले में राजहरा नगर के वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद वीरेंद्र साहू पर जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को दुर्ग और धमतरी से पकड़कर जेल भेज दिया गया है।पुलिस के अनुसार, 22 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे आदिवासी महिला को जबरन उठाकर जंगल ले जाया गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। हमले में महिला के पेट, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। साइबर सेल की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 70(1), 87, 296, 115(2) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। एक आरोपी की तलाश अब भी जारी है।जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद गांव में ही मामले को दबाने की कोशिश की गई थी। आरोपियों ने ग्राम विकास समिति के सामने अपना अपराध स्वीकार किया था और कथित तौर पर अर्थदंड भी भरा था। पुलिस अब इस पूरे पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं सामाजिक दबाव या समझौते के जरिए मामला दबाने का प्रयास तो नहीं हुआ।इसी बीच बालोद पुलिस ने पार्षद वीरेंद्र साहू पर हुए जानलेवा हमले के मामले में भी बड़ी सफलता हासिल की। घटना 11 मार्च 2026 की रात की है, जब पार्षद अपने साथी हेमंत नेताम के साथ शादी कार्यक्रम से लौट रहे थे। आरोप है कि टीचर कॉलोनी ग्राउंड के पास दीपक यादव, अजीत सिंह और कैलाश साहू ने उनका रास्ता रोककर विवाद शुरू किया और स्टील के कड़े से चेहरे पर हमला कर दिया। हमले में पार्षद के नाक, आंख और गाल पर गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने गमछे से गला दबाकर हत्या का प्रयास भी किया। हेमंत नेताम की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1) के तहत मामला दर्ज किया था। साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपियों की लोकेशन दुर्ग और धमतरी में मिली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में पुलिस ने दो गंभीर आपराधिक मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मामले में एक आदिवासी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने के आरोप में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है। वहीं दूसरे मामले में राजहरा नगर के वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद वीरेंद्र साहू पर जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को दुर्ग और धमतरी से पकड़कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 22 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे आदिवासी महिला को जबरन उठाकर जंगल ले जाया गया, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। हमले में महिला के पेट, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई। साइबर सेल की मदद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 70(1), 87, 296, 115(2) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। एक आरोपी की तलाश अब भी जारी है।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद गांव में ही मामले को दबाने की कोशिश की गई थी। आरोपियों ने ग्राम विकास समिति के सामने अपना अपराध स्वीकार किया था और कथित तौर पर अर्थदंड भी भरा था। पुलिस अब इस पूरे पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं सामाजिक दबाव या समझौते के जरिए मामला दबाने का प्रयास तो नहीं हुआ।
इसी बीच बालोद पुलिस ने पार्षद वीरेंद्र साहू पर हुए जानलेवा हमले के मामले में भी बड़ी सफलता हासिल की। घटना 11 मार्च 2026 की रात की है, जब पार्षद अपने साथी हेमंत नेताम के साथ शादी कार्यक्रम से लौट रहे थे। आरोप है कि टीचर कॉलोनी ग्राउंड के पास दीपक यादव, अजीत सिंह और कैलाश साहू ने उनका रास्ता रोककर विवाद शुरू किया और स्टील के कड़े से चेहरे पर हमला कर दिया। हमले में पार्षद के नाक, आंख और गाल पर गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने गमछे से गला दबाकर हत्या का प्रयास भी किया। हेमंत नेताम की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1) के तहत मामला दर्ज किया था। साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपियों की लोकेशन दुर्ग और धमतरी में मिली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
Your email address will not be published. Required fields are marked *