नई दिल्ली में संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के छठे दिन सोमवार सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई। दो दिन के स्थगन के बाद दोनों सदनों में कामकाज शुरू होते ही सांसदों ने अपने-अपने मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनहित के सवाल सामने आए, जबकि राज्यसभा में पश्चिम बंगाल से जुड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया।राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाने का मामला उठाया, जिससे सदन का माहौल गरमा गया। इससे पहले शुक्रवार को टीएमसी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर दोनों सदनों में नोटिस दिया था। इस मुद्दे ने पहले ही संसद के भीतर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया था।इधर, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को सभी सांसदों को पत्र लिखकर संसद की गरिमा, अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि सदन और संसद परिसर में कुछ सदस्यों के आचरण, भाषा और व्यवहार ने संसदीय लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को प्रभावित किया है, जो गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में बजट सत्र के बीच बढ़ती राजनीतिक तल्खी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।वहीं, इसी दिन हरियाणा, बिहार और ओडिशा में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए चुनाव भी हो रहे हैं, जिनके नतीजे शाम तक घोषित किए जाने हैं। संसद के भीतर और बाहर दोनों ही मोर्चों पर राजनीतिक हलचल तेज है, जिससे आज का दिन राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड में डेरेक ओ’ब्रायन द्वारा इसी तरह के चुनाव आयोग संबंधी मुद्दे पहले भी उठाए जा चुके हैं।
नई दिल्ली में संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के छठे दिन सोमवार सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हुई। दो दिन के स्थगन के बाद दोनों सदनों में कामकाज शुरू होते ही सांसदों ने अपने-अपने मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनहित के सवाल सामने आए, जबकि राज्यसभा में पश्चिम बंगाल से जुड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया।
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाने का मामला उठाया, जिससे सदन का माहौल गरमा गया। इससे पहले शुक्रवार को टीएमसी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर दोनों सदनों में नोटिस दिया था। इस मुद्दे ने पहले ही संसद के भीतर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया था।
इधर, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को सभी सांसदों को पत्र लिखकर संसद की गरिमा, अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि सदन और संसद परिसर में कुछ सदस्यों के आचरण, भाषा और व्यवहार ने संसदीय लोकतंत्र की प्रतिष्ठा को प्रभावित किया है, जो गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में बजट सत्र के बीच बढ़ती राजनीतिक तल्खी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
वहीं, इसी दिन हरियाणा, बिहार और ओडिशा में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए चुनाव भी हो रहे हैं, जिनके नतीजे शाम तक घोषित किए जाने हैं। संसद के भीतर और बाहर दोनों ही मोर्चों पर राजनीतिक हलचल तेज है, जिससे आज का दिन राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड में डेरेक ओ’ब्रायन द्वारा इसी तरह के चुनाव आयोग संबंधी मुद्दे पहले भी उठाए जा चुके हैं।
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