रायपुर: प्रदेश में एलपीजी गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और ईंधन की आपूर्ति व वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार आकस्मिक जांच की जा रही है।मुख्य सचिव विकास शील ने 12 मार्च को खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की समीक्षा की। इसके बाद 13 मार्च को संचालक खाद्य विभाग की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नियंत्रण एवं मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया, जो ईंधन की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखेगी।प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 102 संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की गई है, जहां से कुल 741 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 392 सिलेंडर रायपुर जिले से और 130 सिलेंडर बिलासपुर जिले से बरामद किए गए हैं। सरकार का कहना है कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।राज्य में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कंपनियों के कुल 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट संचालित हो रहे हैं, जहां पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और पूरी क्षमता से बॉटलिंग का कार्य किया जा रहा है। इन प्लांट्स के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद 540 एलपीजी वितरकों को नियमित रूप से रिफिल सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में 2,465 पेट्रोल और डीजल पंपों के जरिए उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।ऑयल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पिछली बुकिंग के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक करें और एक बार बुकिंग होने के बाद बार-बार प्रयास न करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। राज्य सरकार ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा है कि ईंधन की आपूर्ति या वितरण से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 और 1967 पर संपर्क किया जा सकता है, जहां शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।
रायपुर: प्रदेश में एलपीजी गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और ईंधन की आपूर्ति व वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार आकस्मिक जांच की जा रही है।
मुख्य सचिव विकास शील ने 12 मार्च को खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की समीक्षा की। इसके बाद 13 मार्च को संचालक खाद्य विभाग की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नियंत्रण एवं मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया, जो ईंधन की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखेगी।
प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 102 संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की गई है, जहां से कुल 741 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 392 सिलेंडर रायपुर जिले से और 130 सिलेंडर बिलासपुर जिले से बरामद किए गए हैं। सरकार का कहना है कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राज्य में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कंपनियों के कुल 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट संचालित हो रहे हैं, जहां पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और पूरी क्षमता से बॉटलिंग का कार्य किया जा रहा है। इन प्लांट्स के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में मौजूद 540 एलपीजी वितरकों को नियमित रूप से रिफिल सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में 2,465 पेट्रोल और डीजल पंपों के जरिए उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
ऑयल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पिछली बुकिंग के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक करें और एक बार बुकिंग होने के बाद बार-बार प्रयास न करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके। राज्य सरकार ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा है कि ईंधन की आपूर्ति या वितरण से जुड़ी किसी भी शिकायत के लिए खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 और 1967 पर संपर्क किया जा सकता है, जहां शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा।
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