बालोद। जिले में पीएमश्री (PM SHRI) स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीएमश्री स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।गुरुवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिले की 13 पीएमश्री शालाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।कलेक्टर ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएमश्री योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है, इसलिए इन स्कूलों को जिले में मॉडल शाला के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।नोडल अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारीपीएमश्री स्कूलों की प्रभावी निगरानी के लिए प्रशासन ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ, सभी अपर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर्स को इन स्कूलों का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी नोडल अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का दौरा करें और पढ़ाई की गुणवत्ता, संसाधनों और अधोसंरचना की जमीनी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करें।बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना पर जोरबैठक के दौरान स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। इनमें अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता, मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव, शुद्ध पेयजल, क्रियाशील शौचालय, हैंडवॉश सुविधा और खेल मैदान की स्थिति की समीक्षा शामिल है।शिक्षा गुणवत्ता और अनुशासन पर फोकसकलेक्टर दिव्या मिश्रा ने शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM), पर्याप्त फर्नीचर और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य पहचान पत्र (ID कार्ड) की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।पर्यावरण और खेल गतिविधियों को बढ़ावाकलेक्टर ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शाला परिसर में पौधरोपण और खेल गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।इस बैठक में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष, सभी एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) उपस्थित रहे।
बालोद। जिले में पीएमश्री (PM SHRI) स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीएमश्री स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुरुवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिले की 13 पीएमश्री शालाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी सहित प्रशासन और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएमश्री योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है, इसलिए इन स्कूलों को जिले में मॉडल शाला के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
पीएमश्री स्कूलों की प्रभावी निगरानी के लिए प्रशासन ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ, सभी अपर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर्स को इन स्कूलों का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी नोडल अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का दौरा करें और पढ़ाई की गुणवत्ता, संसाधनों और अधोसंरचना की जमीनी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। इनमें अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता, मरम्मत कार्यों के प्रस्ताव, शुद्ध पेयजल, क्रियाशील शौचालय, हैंडवॉश सुविधा और खेल मैदान की स्थिति की समीक्षा शामिल है।
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM), पर्याप्त फर्नीचर और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य पहचान पत्र (ID कार्ड) की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शाला परिसर में पौधरोपण और खेल गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
इस बैठक में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष, सभी एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) उपस्थित रहे।
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