राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ‘अपमान’ पर मचा सियासी बवाल, केंद्र ने बंगाल सरकार से शाम 5 बजे तक मांगी रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। उत्तर बंगाल की यात्रा के दौरान Droupadi Murmu ने कार्यक्रम में व्यवस्था और कम भीड़ को लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव Govind Mohan ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव Nandini Chakraborty को पत्र लिखकर रविवार शाम 5 बजे तक दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में पूरी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़े ‘ब्लू बुक’ नियमों का उल्लंघन हुआ है।

केंद्र सरकार ने खास तौर पर इस बात पर सवाल उठाया है कि राष्ट्रपति के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी की मौजूदगी नहीं थी। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट पर सिर्फ सिलीगुड़ी के मेयर Gautam Deb मौजूद थे, जिसे केंद्र ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना है। इसके अलावा राष्ट्रपति के लिए बनाए गए शौचालय में पानी की कमी और कार्यक्रम स्थल के आसपास कूड़ा-करकट होने जैसे मुद्दों पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब राष्ट्रपति मुर्मू सिलीगुड़ी के बागडोगरा एयरपोर्ट के पास आयोजित एक आदिवासी कार्यक्रम में पहुंचीं। बताया जा रहा है कि मूल कार्यक्रम सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना था, लेकिन बाद में इसे बदलकर गोंसाईपुर कर दिया गया। जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पहुंचीं तो वहां अपेक्षा से काफी कम लोग मौजूद थे, जिससे उन्होंने निराशा जताई।

इस घटना पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “शर्मनाक और अभूतपूर्व” बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी गरिमा की रक्षा हर हाल में की जानी चाहिए। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर चिंता जताई।

दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के नाम पर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।

फिलहाल केंद्र सरकार इस पूरे मामले की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जा सकती है।

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