कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां नेत्रवती नदी के किनारे हजारों आधार कार्ड लावारिस हालत में पड़े मिले हैं। यह घटना जिले के पुडु गांव की बताई जा रही है। जैसे ही इस मामले की जानकारी स्थानीय पुडु ग्राम पंचायत अध्यक्ष को मिली, उन्होंने ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर नदी किनारे पड़े आधार कार्डों को इकट्ठा किया।घटना सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें उनके आधार कार्ड नहीं मिल रहे थे, जिसके कारण उन्हें साइबर सेंटरों में जाकर आधार की कॉपी निकलवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे थे। वहीं अब अचानक नदी किनारे बड़ी संख्या में आधार कार्ड मिलने से लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलुरु विधानसभा क्षेत्र के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर ने आधार जारी करने वाली संस्था UIDAI के प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से यह पता लगाने को कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में आधार कार्ड नदी किनारे कैसे पहुंचे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही है।इधर मंगलुरु डाक विभाग के उप-अधीक्षक दिनेश ने कहा कि नदी किनारे आधार कार्ड मिलने की जानकारी उन्हें मिल चुकी है। गुरुवार को डाक विभाग के निरीक्षक मौके पर जाकर जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।पुडु ग्राम पंचायत अध्यक्ष रमलान मरिपल्ला ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर स्थानीय डाकघर का घेराव किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी में जांच शुरू होने जा रही है।
कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां नेत्रवती नदी के किनारे हजारों आधार कार्ड लावारिस हालत में पड़े मिले हैं। यह घटना जिले के पुडु गांव की बताई जा रही है। जैसे ही इस मामले की जानकारी स्थानीय पुडु ग्राम पंचायत अध्यक्ष को मिली, उन्होंने ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर नदी किनारे पड़े आधार कार्डों को इकट्ठा किया।
घटना सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें उनके आधार कार्ड नहीं मिल रहे थे, जिसके कारण उन्हें साइबर सेंटरों में जाकर आधार की कॉपी निकलवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे थे। वहीं अब अचानक नदी किनारे बड़ी संख्या में आधार कार्ड मिलने से लोगों में आक्रोश बढ़ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलुरु विधानसभा क्षेत्र के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर ने आधार जारी करने वाली संस्था UIDAI के प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से यह पता लगाने को कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में आधार कार्ड नदी किनारे कैसे पहुंचे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही है।
इधर मंगलुरु डाक विभाग के उप-अधीक्षक दिनेश ने कहा कि नदी किनारे आधार कार्ड मिलने की जानकारी उन्हें मिल चुकी है। गुरुवार को डाक विभाग के निरीक्षक मौके पर जाकर जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुडु ग्राम पंचायत अध्यक्ष रमलान मरिपल्ला ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर स्थानीय डाकघर का घेराव किया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी में जांच शुरू होने जा रही है।
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