कोरबा में दर्दनाक हादसा: धान उपार्जन केंद्र के मंडी प्रभारी को हाथी ने कुचला, पत्नी व कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हाथी के हमले में धान उपार्जन केंद्र के मंडी प्रभारी की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और दो से तीन कर्मचारी किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

घटना हाथी प्रभावित ग्राम कुदमुरा की है, जहां आदिवासी सेवा सहकारी समिति कोरकोमा का धान उपार्जन केंद्र संचालित है। जानकारी के अनुसार, किसानों से खरीदा गया बड़ी मात्रा में धान उठाव के अभाव में केंद्र में ही रखा हुआ था। हाल के दिनों में यहां धान चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद समिति ने राजेश कुमार सिंह (55 वर्ष), निवासी प्रेम नगर रजगामार को उपार्जन केंद्र का मंडी प्रभारी नियुक्त किया था।

धान की सुरक्षा के लिए राजेश कुमार सिंह अपनी पत्नी और दो-तीन कर्मचारियों के साथ रात में अस्थायी रूप से उपार्जन केंद्र में ही रहकर निगरानी कर रहे थे। मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे एक दंतैल हाथी अचानक उपार्जन केंद्र में घुस आया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।

बताया जा रहा है कि टॉर्च की रोशनी और शोर मचाकर हाथी को भगाने की कोशिश की गई, लेकिन इसी दौरान हाथी ने राजेश कुमार सिंह को अपनी चपेट में ले लिया और उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान मौजूद अन्य लोग इधर-उधर भागकर किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे।

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कोरबा वन मंडल के एसडीओ सूर्यकांत सोनी के अनुसार, मृतक की पत्नी को तात्कालिक सहायता के रूप में 25 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। नियमानुसार जनहानि के मामलों में पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है, जिसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

वन विभाग द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है और हाथी मित्र दल तथा मुनादी टीम को सक्रिय किया गया है, ताकि लोगों को सतर्क किया जा सके और ऐसी घटनाओं से बचाव के उपाय किए जा सकें।

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