नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय (MHA) ने विशेष रूप से ऐसे भड़काऊ भाषणों और कट्टरपंथी प्रचारकों की पहचान करने को कहा है, जिनकी बयानबाजी से देश में सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।सूत्रों के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। खासकर दिल्ली, श्रीनगर और अन्य शहरों में लोग शोक और आक्रोश व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया शिया काउंसिल के सदस्यों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया।दिल्ली में हाई अलर्टराजधानी दिल्ली में, विशेषकर अमेरिका और ईरान के दूतावासों के आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उन क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है जहां इजराइली और यहूदी समुदाय की मौजूदगी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय और सूचना साझा करने पर जोर दिया गया है।नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कंट्रोल रूममध्य पूर्व में जारी घटनाक्रम को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, एयरसेवा पोर्टल और हेल्पलाइन नंबरों के जरिए यात्रियों की शिकायतों और सवालों का समाधान कर रहा है। अब तक 411 यात्रियों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।यात्री 011-24604283 / 011-24632987 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावासों के हेल्पलाइन नंबर भी प्राथमिकता के साथ साझा किए जा रहे हैं।CCS बैठक में हालात की समीक्षाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में 28 फरवरी को ईरान में हुए एयर स्ट्राइक और उसके बाद की बढ़ती घटनाओं पर चर्चा हुई।कमेटी ने क्षेत्र में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा, यात्रियों और छात्रों की परेशानियों, तथा आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ने वाले असर का भी आकलन किया। सभी संबंधित विभागों को प्रभावित भारतीयों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय (MHA) ने विशेष रूप से ऐसे भड़काऊ भाषणों और कट्टरपंथी प्रचारकों की पहचान करने को कहा है, जिनकी बयानबाजी से देश में सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
सूत्रों के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। खासकर दिल्ली, श्रीनगर और अन्य शहरों में लोग शोक और आक्रोश व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतरे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया शिया काउंसिल के सदस्यों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया।
राजधानी दिल्ली में, विशेषकर अमेरिका और ईरान के दूतावासों के आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा उन क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है जहां इजराइली और यहूदी समुदाय की मौजूदगी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय और सूचना साझा करने पर जोर दिया गया है।
मध्य पूर्व में जारी घटनाक्रम को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, एयरसेवा पोर्टल और हेल्पलाइन नंबरों के जरिए यात्रियों की शिकायतों और सवालों का समाधान कर रहा है। अब तक 411 यात्रियों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है।
यात्री 011-24604283 / 011-24632987 पर संपर्क कर सकते हैं। भारतीय दूतावासों के हेल्पलाइन नंबर भी प्राथमिकता के साथ साझा किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में 28 फरवरी को ईरान में हुए एयर स्ट्राइक और उसके बाद की बढ़ती घटनाओं पर चर्चा हुई।
कमेटी ने क्षेत्र में रह रहे भारतीय प्रवासी समुदाय की सुरक्षा, यात्रियों और छात्रों की परेशानियों, तथा आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर पड़ने वाले असर का भी आकलन किया। सभी संबंधित विभागों को प्रभावित भारतीयों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
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