पिछले कुछ दिनों में मध्य पूर्व में तनाव बेहद तेज़ हो गया है। 28 फरवरी 2026 को संयुक्त रूप से • इज़राइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू किए, जिसे इज़रायल ने Operation Lion’s Roar और अमेरिका ने Operation Epic Fury का नाम दिया। • इन हमलों का उद्देश्य ईरान के सैन्य, मिसाइल और वरिष्ठ कमान-कंट्रोल केंद्रों को निशाना बनाना था। • ईरानी प्रतिष्ठानों और शहरों पर कई लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी उड़नदस्ते और विस्फोट हुए। ईरान ने इसका जवाब मिसाइल और ड्रोन हमलों से दिया। • ईरान की ओर से मिसाइलें इज़राइल के अलावा कई अरब देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और लक्ष्यों पर दागी गईं, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल है। • इन हमलों में नागरिकों और विदेशी कामगारों सहित जानमाल का नुकसान हुआ और क्षेत्र में कई घायल हुए। युद्ध की वजह से पूरे मध्य पूर्व में बड़ी अस्थिरता फैल गई है।• इज़राइल ने देशव्यापी राज्य आपातकाल की घोषणा कर दी है और युद्ध के जोखिम को देखते हुए नागरिक सुरक्षा बचाव उपाय लागू किए हैं। • कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक यातायात और ऊर्जा बाजारों पर असर पड़ेगा। 🇮🇳 पीएम मोदी की प्रतिक्रियाएँ और कूटनीतिक प्रयास1) इज़राइल के प्रधानमंत्री से बातप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। बातचीत में पीएम मोदी ने• हालात की जानकारी ली,• नागरिकों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया,• और दुश्मनी को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।यह कदम भारत की चिंता और क्षेत्र में शांति-स्थिरता के समर्थन को दर्शाता है।2) UAE के राष्ट्रपति से वार्तापीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बातचीत की।• उन्होंने UAE पर हाल-हुए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की और जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया।• साथ ही भारत की इस मुश्किल समय में UAE के साथ एकजुटता को भी दोहराया।• उन्होंने UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल के लिए उनके समर्थन का धन्यवाद किया।पीएम मोदी ने बातचीत में स्पष्ट किया कि भारत तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है।
पिछले कुछ दिनों में मध्य पूर्व में तनाव बेहद तेज़ हो गया है। 28 फरवरी 2026 को संयुक्त रूप से • इज़राइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले शुरू किए, जिसे इज़रायल ने Operation Lion’s Roar और अमेरिका ने Operation Epic Fury का नाम दिया। • इन हमलों का उद्देश्य ईरान के सैन्य, मिसाइल और वरिष्ठ कमान-कंट्रोल केंद्रों को निशाना बनाना था। • ईरानी प्रतिष्ठानों और शहरों पर कई लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, जिससे भारी उड़नदस्ते और विस्फोट हुए।
ईरान ने इसका जवाब मिसाइल और ड्रोन हमलों से दिया। • ईरान की ओर से मिसाइलें इज़राइल के अलावा कई अरब देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और लक्ष्यों पर दागी गईं, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी शामिल है। • इन हमलों में नागरिकों और विदेशी कामगारों सहित जानमाल का नुकसान हुआ और क्षेत्र में कई घायल हुए।
युद्ध की वजह से पूरे मध्य पूर्व में बड़ी अस्थिरता फैल गई है।• इज़राइल ने देशव्यापी राज्य आपातकाल की घोषणा कर दी है और युद्ध के जोखिम को देखते हुए नागरिक सुरक्षा बचाव उपाय लागू किए हैं। • कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक यातायात और ऊर्जा बाजारों पर असर पड़ेगा।
1) इज़राइल के प्रधानमंत्री से बातप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। बातचीत में पीएम मोदी ने• हालात की जानकारी ली,• नागरिकों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया,• और दुश्मनी को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।यह कदम भारत की चिंता और क्षेत्र में शांति-स्थिरता के समर्थन को दर्शाता है।
2) UAE के राष्ट्रपति से वार्तापीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बातचीत की।• उन्होंने UAE पर हाल-हुए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की और जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया।• साथ ही भारत की इस मुश्किल समय में UAE के साथ एकजुटता को भी दोहराया।• उन्होंने UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा और देखभाल के लिए उनके समर्थन का धन्यवाद किया।
पीएम मोदी ने बातचीत में स्पष्ट किया कि भारत तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है।
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