रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर D.Ed अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर उग्र हो गया है। नियुक्ति की मांग को लेकर सैकड़ों महिला और पुरुष अभ्यर्थियों ने नया रायपुर स्थित शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के शासकीय आवास का घेराव कर लिया। सुबह 6 बजे से ही अभ्यर्थी मंत्री के बंगले के बाहर डटे हुए हैं। कड़ाके की ठंड, गिरती सेहत और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।शिक्षा मंत्री से मुलाकात नहीं हो पाने के बाद अभ्यर्थियों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। ठंड में जमीन पर बैठे प्रदर्शनकारियों के पास कंबल तक नहीं है, लेकिन उनका साफ कहना है— “जब तक नियुक्ति नहीं, तब तक वापसी नहीं।”24 दिसंबर से आमरण अनशन, बढ़ता आक्रोशD.Ed अभ्यर्थी 24 दिसंबर से सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इससे पहले भी अभ्यर्थियों ने मंत्री के बंगले का घेराव किया था, जहां से पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हटाकर सेंट्रल जेल भेज दिया था। उस दौरान महिला अभ्यर्थियों के रोते-बिलखते दृश्य पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बने थे। एक बार फिर हालात उसी दिशा में जाते दिख रहे हैं।खून से लिखा पत्र, आखिरी गुहारआंदोलनकारियों का कहना है कि अब उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं समा रही। कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर नियुक्ति पत्र की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है—“हम घर से यह सोचकर निकले हैं कि या तो नौकरी लेकर लौटेंगे, या हमारी लाश जाएगी।”बिगड़ती सेहत के बावजूद आंदोलन जारीलगातार अनशन का असर अब आंदोलनकारियों की सेहत पर साफ दिख रहा है। कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ चुकी है, कुछ को अस्पताल में भर्ती कर ड्रिप चढ़ाई गई, लेकिन इलाज के बाद वे फिर धरना स्थल पर लौट आए। खुले आसमान के नीचे महिलाएं और छोटे बच्चे रात गुजारने को मजबूर हैं।हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना का आरोपअभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रही है। उनके मुताबिक अदालत ने रिक्त पदों को दो महीने के भीतर भरने का निर्देश दिया था, लेकिन अब भी करीब 2300 पद खाली हैं। काउंसलिंग और पात्रता पूरी होने के बावजूद हजारों प्रशिक्षित D.Ed अभ्यर्थी बेरोजगारी झेल रहे हैं।अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन के दौरान किसी की जान गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर D.Ed अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर उग्र हो गया है। नियुक्ति की मांग को लेकर सैकड़ों महिला और पुरुष अभ्यर्थियों ने नया रायपुर स्थित शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के शासकीय आवास का घेराव कर लिया। सुबह 6 बजे से ही अभ्यर्थी मंत्री के बंगले के बाहर डटे हुए हैं। कड़ाके की ठंड, गिरती सेहत और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
शिक्षा मंत्री से मुलाकात नहीं हो पाने के बाद अभ्यर्थियों ने सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। ठंड में जमीन पर बैठे प्रदर्शनकारियों के पास कंबल तक नहीं है, लेकिन उनका साफ कहना है— “जब तक नियुक्ति नहीं, तब तक वापसी नहीं।”
D.Ed अभ्यर्थी 24 दिसंबर से सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इससे पहले भी अभ्यर्थियों ने मंत्री के बंगले का घेराव किया था, जहां से पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक हटाकर सेंट्रल जेल भेज दिया था। उस दौरान महिला अभ्यर्थियों के रोते-बिलखते दृश्य पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बने थे। एक बार फिर हालात उसी दिशा में जाते दिख रहे हैं।
आंदोलनकारियों का कहना है कि अब उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं समा रही। कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर नियुक्ति पत्र की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है—“हम घर से यह सोचकर निकले हैं कि या तो नौकरी लेकर लौटेंगे, या हमारी लाश जाएगी।”
लगातार अनशन का असर अब आंदोलनकारियों की सेहत पर साफ दिख रहा है। कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ चुकी है, कुछ को अस्पताल में भर्ती कर ड्रिप चढ़ाई गई, लेकिन इलाज के बाद वे फिर धरना स्थल पर लौट आए। खुले आसमान के नीचे महिलाएं और छोटे बच्चे रात गुजारने को मजबूर हैं।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रही है। उनके मुताबिक अदालत ने रिक्त पदों को दो महीने के भीतर भरने का निर्देश दिया था, लेकिन अब भी करीब 2300 पद खाली हैं। काउंसलिंग और पात्रता पूरी होने के बावजूद हजारों प्रशिक्षित D.Ed अभ्यर्थी बेरोजगारी झेल रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन के दौरान किसी की जान गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
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