पाटला | शासकीय उच्च प्राथमिक शाला पाटला, संकुल केन्द्र–चिचाड़ी में राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस का 77वां वर्षगांठ बड़े ही हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था प्रमुख एवं प्रधानाध्यापक अब्दुल लतीफ मेमन द्वारा राष्ट्रीय ध्वजारोहण के साथ किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात भारत माता की जय, तिरंगे झंडे की जय एवं गणतंत्र दिवस अमर रहे जैसे गगनभेदी नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा ग्राम में प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें “झंडा ऊँचा रहे हमारा” सहित देशभक्ति गीतों का गायन किया गया। प्रभातफेरी के पश्चात शालेय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, शिक्षकवृंद, छात्र-छात्राओं एवं शालेय कर्मचारियों ने महापुरुषों के जयघोष के साथ राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए S.M.C. अध्यक्ष चरनसिंह नेताम ने बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ, जिससे भारत एक गणराज्य बना। वहीं प्रधानाध्यापक अब्दुल लतीफ मेमन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य छात्रों के हाथों में है। ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ही भारत को सशक्त राष्ट्र बनाया जा सकता है।कार्यक्रम में शिक्षक एवं वर्तमान संकुल समन्वयक महेन्द्र कुमार सोना ने अपने उद्बोधन में कहा कि 26 जनवरी 1950 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। इसी दिन भारत ने स्वयं को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता जैसे मूल्यों की आत्मा है, जिन्हें शिक्षकों को अपने आचरण के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन में उतारना चाहिए।कार्यक्रम का समापन सभी आगंतुकों एवं छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण के साथ किया गया। संपूर्ण आयोजन उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा ग्राम में प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें “झंडा ऊँचा रहे हमारा” सहित देशभक्ति गीतों का गायन किया गया। प्रभातफेरी के पश्चात शालेय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, शिक्षकवृंद, छात्र-छात्राओं एवं शालेय कर्मचारियों ने महापुरुषों के जयघोष के साथ राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए S.M.C. अध्यक्ष चरनसिंह नेताम ने बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारत में संविधान लागू हुआ, जिससे भारत एक गणराज्य बना। वहीं प्रधानाध्यापक अब्दुल लतीफ मेमन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य छात्रों के हाथों में है। ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ही भारत को सशक्त राष्ट्र बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में शिक्षक एवं वर्तमान संकुल समन्वयक महेन्द्र कुमार सोना ने अपने उद्बोधन में कहा कि 26 जनवरी 1950 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। इसी दिन भारत ने स्वयं को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान केवल कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता जैसे मूल्यों की आत्मा है, जिन्हें शिक्षकों को अपने आचरण के माध्यम से विद्यार्थियों के जीवन में उतारना चाहिए।
कार्यक्रम का समापन सभी आगंतुकों एवं छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण के साथ किया गया। संपूर्ण आयोजन उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा।
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