पंचकूला/नई दिल्ली:इस गणतंत्र दिवस पर हरियाणा की बेटी अक्षिता धनखड़ नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराएंगी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने परेड का नेतृत्व करेंगी। अक्षिता के परिवार की चार पीढ़ियां सेना में सेवामरत रही हैं और चौथी पीढ़ी की सदस्य अक्षिता अब अपने पिता के सपने को पूरा कर रही हैं।🏫 अक्षिता का शिक्षा और करियर सफरअक्षिता ने अपनी स्कूली शिक्षा गोरखपुर एयरफोर्स स्कूल से पूरी की। पढ़ाई में होनहार होने के साथ-साथ वह खेलों में भी सक्रिय रही – बास्केटबॉल, बैडमिंटन और दौड़ में प्रतिभागी रही। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BSc और पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से MSc की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही अक्षिता का सपना एयरफोर्स में शामिल होना था।पहले ही प्रयास में उन्होंने एयरफोर्स की परीक्षा पास कर फ्लाइट लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। उनके पहले टीचर और प्रशिक्षक उनकी लगन और समर्पण के कायल रहे।👨👩👧👦 परिवार और प्रेरणाअक्षिता के पिता नरेंद्र कुमार धनखड़ एयरफोर्स से ऑनरी फ्लाइंग ऑफिसर के पद से रिटायर हुए थे। उनका 24 नवंबर 2025 को ब्रेन हेमरेज से निधन हो गया। अक्षिता परेड की तैयारी कर रही थीं, लेकिन पिता के निधन की खबर सुनकर वह एक दिन के लिए घर आईं और फिर वापसी कर तैयारियों में जुट गईं।अक्षिता की मां सुनीता धनखड़ स्वयं कैंसर की बीमारी से जूझ रही हैं, लेकिन बेटी को कर्तव्य पथ पर परेड का नेतृत्व करते देखना उनकी बड़ी इच्छा है। अक्षिता के भाई अविनाश धनखड़ वर्तमान में मेजर के पद पर सूडान में हैं और बहू अनन्या धनखड़ भी फौज में मेजर के पद पर सेवा में हैं।🌟 माता-पिता का सपना और बेटी की उपलब्धिअक्षिता के परिवार की चार पीढ़ियों का सेना से जुड़ा होना और पिता के सपने को पूरा करना इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है। सुनीता धनखड़ ने कहा कि उनकी बेटी अक्षिता ने जीवन की हर जिम्मेदारी और लक्ष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।अक्षिता के इस उपलब्धि को देखकर पूरे परिवार में गर्व और खुशी की लहर है। गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने का यह मौका न सिर्फ अक्षिता के लिए, बल्कि पूरे परिवार के लिए सम्मान और गौरव का क्षण है।
पंचकूला/नई दिल्ली:इस गणतंत्र दिवस पर हरियाणा की बेटी अक्षिता धनखड़ नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराएंगी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने परेड का नेतृत्व करेंगी। अक्षिता के परिवार की चार पीढ़ियां सेना में सेवामरत रही हैं और चौथी पीढ़ी की सदस्य अक्षिता अब अपने पिता के सपने को पूरा कर रही हैं।
अक्षिता ने अपनी स्कूली शिक्षा गोरखपुर एयरफोर्स स्कूल से पूरी की। पढ़ाई में होनहार होने के साथ-साथ वह खेलों में भी सक्रिय रही – बास्केटबॉल, बैडमिंटन और दौड़ में प्रतिभागी रही। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BSc और पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से MSc की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही अक्षिता का सपना एयरफोर्स में शामिल होना था।
पहले ही प्रयास में उन्होंने एयरफोर्स की परीक्षा पास कर फ्लाइट लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया। उनके पहले टीचर और प्रशिक्षक उनकी लगन और समर्पण के कायल रहे।
अक्षिता के पिता नरेंद्र कुमार धनखड़ एयरफोर्स से ऑनरी फ्लाइंग ऑफिसर के पद से रिटायर हुए थे। उनका 24 नवंबर 2025 को ब्रेन हेमरेज से निधन हो गया। अक्षिता परेड की तैयारी कर रही थीं, लेकिन पिता के निधन की खबर सुनकर वह एक दिन के लिए घर आईं और फिर वापसी कर तैयारियों में जुट गईं।
अक्षिता की मां सुनीता धनखड़ स्वयं कैंसर की बीमारी से जूझ रही हैं, लेकिन बेटी को कर्तव्य पथ पर परेड का नेतृत्व करते देखना उनकी बड़ी इच्छा है। अक्षिता के भाई अविनाश धनखड़ वर्तमान में मेजर के पद पर सूडान में हैं और बहू अनन्या धनखड़ भी फौज में मेजर के पद पर सेवा में हैं।
अक्षिता के परिवार की चार पीढ़ियों का सेना से जुड़ा होना और पिता के सपने को पूरा करना इस उपलब्धि को और भी खास बनाता है। सुनीता धनखड़ ने कहा कि उनकी बेटी अक्षिता ने जीवन की हर जिम्मेदारी और लक्ष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
अक्षिता के इस उपलब्धि को देखकर पूरे परिवार में गर्व और खुशी की लहर है। गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने का यह मौका न सिर्फ अक्षिता के लिए, बल्कि पूरे परिवार के लिए सम्मान और गौरव का क्षण है।
Your email address will not be published. Required fields are marked *