उजड़ते आशियाने: सड़क चौड़ीकरण की जद में 100 से ज्यादा परिवार, 5000 लोगों पर बेघर होने का खतरा

भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक 1 खम्हरिया क्षेत्र में रहने वाले लगभग 100 से अधिक परिवार इन दिनों कलेक्ट्रेट के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वजह है लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किया गया नोटिस, जिसमें तीन दिनों के भीतर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में बताया गया है कि स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आईआईटी मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है। इस फैसले ने करीब 5000 लोगों की जिंदगी को अनिश्चितता और अंधकार में धकेल दिया है।


आज सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन से गुहार लगाई कि उन्हें बेघर न किया जाए। रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से इसी स्थान पर रह रहे हैं। स्थानीय निवासी ठोमन लाल साहू ने कहा कि सड़क बननी चाहिए, लेकिन एक तरफ पर्याप्त जगह मौजूद है, फिर भी केवल गरीबों के घर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने भावुक होकर सवाल किया— “हम जाएं तो जाएं कहां? क्या सड़क हमारी जिंदगी से ज्यादा कीमती है?”


वहीं स्थानीय महिला जमुना चंद्रवंशी की आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा कि वे मजदूरी करके परिवार पालती हैं, कई बार दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती। ऐसे में किराए का घर लेना उनके लिए असंभव है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि अगर हटाना ही है तो पहले रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।


रहवासियों की साफ मांग है कि विस्थापन से पहले उन्हें पुनर्वास दिया जाए। लोग विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन चाहते हैं कि विकास किसी की जिंदगी कुचलकर न हो। खम्हरिया के लोग आज सिर्फ अपने मकान नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

यह सिर्फ सड़क का मामला नहीं, बल्कि इंसानियत की परीक्षा है।

Comments (0)

    Pls Add Data.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *