दुर्ग जिले में एक थाना निरीक्षक (टीआई) और बर्खास्त आरक्षक के बीच बीयर की बोतल को लेकर हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना चार दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन अब इसका वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी विजय अग्रवाल ने दुर्ग ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चंद्रा के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब 12 बजे की है। सुपेला थाना क्षेत्र में पदस्थ निरीक्षक अपने भाई को छोड़ने दुर्ग के सिंधिया नगर जा रहे थे। इसी दौरान स्मृतिनगर चौकी के पास उनकी मुलाकात वहां पूर्व में पदस्थ रहे एक बर्खास्त आरक्षक से हुई। बताया जा रहा है कि बर्खास्त आरक्षक ने निरीक्षक से अभिवादन करने के बाद कथित तौर पर बीयर पीने का आग्रह किया।निरीक्षक द्वारा मना करने के बावजूद बर्खास्त आरक्षक ने बीयर की बोतल निकालकर जबरन पकड़ाने की कोशिश की। इस पर निरीक्षक ने बोतल लेकर जमीन पर फेंक दी, जिससे दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। हालांकि उस समय मामला वहीं शांत हो गया था, लेकिन चार दिन बाद वीडियो सामने आने से विवाद फिर भड़क गया।मामले में सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया है कि जिस स्थान पर शराब पार्टी की बात कही जा रही है, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज अगले ही दिन डिलीट कर दिया गया। इससे पूरे घटनाक्रम को दबाने की आशंका जताई जा रही है और कई सवाल खड़े हो रहे हैं।दुर्ग ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब 12 बजे की है। सुपेला थाना क्षेत्र में पदस्थ निरीक्षक अपने भाई को छोड़ने दुर्ग के सिंधिया नगर जा रहे थे। इसी दौरान स्मृतिनगर चौकी के पास उनकी मुलाकात वहां पूर्व में पदस्थ रहे एक बर्खास्त आरक्षक से हुई। बताया जा रहा है कि बर्खास्त आरक्षक ने निरीक्षक से अभिवादन करने के बाद कथित तौर पर बीयर पीने का आग्रह किया।
निरीक्षक द्वारा मना करने के बावजूद बर्खास्त आरक्षक ने बीयर की बोतल निकालकर जबरन पकड़ाने की कोशिश की। इस पर निरीक्षक ने बोतल लेकर जमीन पर फेंक दी, जिससे दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। हालांकि उस समय मामला वहीं शांत हो गया था, लेकिन चार दिन बाद वीडियो सामने आने से विवाद फिर भड़क गया।
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह सामने आया है कि जिस स्थान पर शराब पार्टी की बात कही जा रही है, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज अगले ही दिन डिलीट कर दिया गया। इससे पूरे घटनाक्रम को दबाने की आशंका जताई जा रही है और कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
दुर्ग ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
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