भिलाई/दुर्ग। वैशाली नगर कन्या स्कूल की छात्राएं कविता साहू (कक्षा 10वीं) और अंजलि चौहान (कक्षा 12वीं गणित) ने अपनी प्रतिभा से पूरे देश में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। दोनों छात्राओं ने सीवरेज और अंडरग्राउंड पाइप लाइन में जाम की स्थिति का पता लगाने वाला एक अनोखा रोबोट मॉडल तैयार किया है। इस नवाचार के लिए उन्हें राष्ट्रपति भवन से मिलने का आमंत्रण मिला है। दोनों छात्राएं अपने मेंटर व्याख्याता रसायन रितु हांडा के साथ 23 जनवरी को दिल्ली रवाना होंगी। जहां वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी हाई टी कार्यक्रम में मुलाकात करेंगी।मेंटोर रितु हांडा ने बताया कि सीवरेज और अंडरग्राउंड पाइप लाइन की जांच में कर्मचारियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार संकरे स्थानों, कुओं में उतरना पड़ता है और विषैली गैस का खतरा भी रहता है। इन जोखिमों को देखते हुए छात्राओं ने ऐसा प्रोटो टाइप मॉडल बनाया है, जिसमें लगा रोबोट पाइप के आकार के अनुसार खुद को छोटा या बड़ा कर सकता है। इस रोबोट में वेब कैमरा लगा है, जो ब्लूटूथ के माध्यम से कंप्यूटर या लैपटॉप से जुड़कर पाइप लाइन की अंदरूनी स्थिति की लाइव जानकारी देता है।इस प्रोजेक्ट को स्कूल इनोवेशन मैराथन (SIM) में भेजा गया था। देशभर से आए करीब डेढ़ लाख आइडिया में से यह मॉडल पहले टॉप-1000, फिर टॉप-100 और बाद में वर्चुअल इंटर्नशिप के बाद टॉप-30 में पहुंचा। इसके बाद नीति आयोग, डेल टेक्नोलॉजीज और लर्निंग लिंक फाउंडेशन द्वारा बेंगलुरु में आयोजित 4 दिवसीय इंटर्नशिप में हिस्सा लिया, जहां से यह प्रोजेक्ट टॉप-10 में चयनित हुआ।आयोजकों ने छात्राओं को इस मॉडल को बड़े स्तर पर विकसित कर प्रोडक्ट में बदलने की सलाह दी है ताकि समाज को इसका व्यापक लाभ मिल सके। अब इस उपलब्धि के बाद राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलना पूरे स्कूल और जिले के लिए गर्व की बात है।छात्राओं की इस बड़ी सफलता पर स्कूल की प्राचार्य संगीता सिंह बघेल और शाला विकास समिति के अध्यक्ष आलोक जैन ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
मेंटोर रितु हांडा ने बताया कि सीवरेज और अंडरग्राउंड पाइप लाइन की जांच में कर्मचारियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार संकरे स्थानों, कुओं में उतरना पड़ता है और विषैली गैस का खतरा भी रहता है। इन जोखिमों को देखते हुए छात्राओं ने ऐसा प्रोटो टाइप मॉडल बनाया है, जिसमें लगा रोबोट पाइप के आकार के अनुसार खुद को छोटा या बड़ा कर सकता है। इस रोबोट में वेब कैमरा लगा है, जो ब्लूटूथ के माध्यम से कंप्यूटर या लैपटॉप से जुड़कर पाइप लाइन की अंदरूनी स्थिति की लाइव जानकारी देता है।
इस प्रोजेक्ट को स्कूल इनोवेशन मैराथन (SIM) में भेजा गया था। देशभर से आए करीब डेढ़ लाख आइडिया में से यह मॉडल पहले टॉप-1000, फिर टॉप-100 और बाद में वर्चुअल इंटर्नशिप के बाद टॉप-30 में पहुंचा। इसके बाद नीति आयोग, डेल टेक्नोलॉजीज और लर्निंग लिंक फाउंडेशन द्वारा बेंगलुरु में आयोजित 4 दिवसीय इंटर्नशिप में हिस्सा लिया, जहां से यह प्रोजेक्ट टॉप-10 में चयनित हुआ।
आयोजकों ने छात्राओं को इस मॉडल को बड़े स्तर पर विकसित कर प्रोडक्ट में बदलने की सलाह दी है ताकि समाज को इसका व्यापक लाभ मिल सके। अब इस उपलब्धि के बाद राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलना पूरे स्कूल और जिले के लिए गर्व की बात है।
छात्राओं की इस बड़ी सफलता पर स्कूल की प्राचार्य संगीता सिंह बघेल और शाला विकास समिति के अध्यक्ष आलोक जैन ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
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