दुर्ग पुलिस ने सायबर फ्रॉड और म्यूल अकाउंट सप्लाई गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए फरार आरोपी विशाल मसीह (27 वर्ष), निवासी सेक्टर-6 भिलाई नगर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले इस गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके कब्जे से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और सिम कार्ड जब्त किए गए थे।यह पूरा मामला थाना पदमनाभपुर क्षेत्र का है, जहां 30 दिसंबर 2025 को एक मोबाइल दुकान संचालक ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसके यहां काम करने वाला अमित मिश्रा और उसका परिचित लोकेश जाधव उसे मिला और 20 हजार रुपये का लालच देकर उसका बैंक खाता लेने की बात कही। आरोपियों ने यह कहकर खाता लिया कि उनके भाई टवन जाधव के नाम पर बाहर से पैसा आने वाला है।लालच में आकर पीड़ित ने एक्सिस बैंक महाराजा चौक शाखा और आईडीबीआई बैंक कुम्हारी शाखा का खाता आरोपियों को सौंप दिया। कुछ दिन बाद जब आईडीबीआई बैंक का खाता फ्रीज हुआ, तब पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत की।मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपी लोकेश जाधव महाराष्ट्र के कल्याण भागने की फिराक में था, जिसे दुर्ग बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 33 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 15 चेकबुक, 9 पासबुक और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए।पूछताछ में लोकेश ने खुलासा किया कि वह अपने भाई टवन कुमार जाधव के साथ मिलकर म्यूल अकाउंट सप्लाई का काम करता है। इसके बाद पुलिस ने प्रगति मैदान, बोरसी स्थित टवन जाधव के घर दबिश देकर 28 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 8 चेकबुक, 8 पासबुक और 4 सिम कार्ड जब्त किए।इसी कड़ी में पुलिस ने विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड और अमित मिश्रा को भी गिरफ्तार किया। अब तक की कार्रवाई में पुलिस कुल 78 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड जब्त कर चुकी है।अन्य आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस ने आज 12 जनवरी 2026 को फरार आरोपी विशाल मसीह को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से भी विभिन्न बैंकों की पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।आरोपियों के विरुद्ध थाना पदमनाभपुर में अपराध क्रमांक 566/25 धारा 317(4), 319(2), 61, 42(2), 42(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
यह पूरा मामला थाना पदमनाभपुर क्षेत्र का है, जहां 30 दिसंबर 2025 को एक मोबाइल दुकान संचालक ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसके यहां काम करने वाला अमित मिश्रा और उसका परिचित लोकेश जाधव उसे मिला और 20 हजार रुपये का लालच देकर उसका बैंक खाता लेने की बात कही। आरोपियों ने यह कहकर खाता लिया कि उनके भाई टवन जाधव के नाम पर बाहर से पैसा आने वाला है।
लालच में आकर पीड़ित ने एक्सिस बैंक महाराजा चौक शाखा और आईडीबीआई बैंक कुम्हारी शाखा का खाता आरोपियों को सौंप दिया। कुछ दिन बाद जब आईडीबीआई बैंक का खाता फ्रीज हुआ, तब पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उसने पुलिस में शिकायत की।
मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपी लोकेश जाधव महाराष्ट्र के कल्याण भागने की फिराक में था, जिसे दुर्ग बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 33 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 15 चेकबुक, 9 पासबुक और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए।
पूछताछ में लोकेश ने खुलासा किया कि वह अपने भाई टवन कुमार जाधव के साथ मिलकर म्यूल अकाउंट सप्लाई का काम करता है। इसके बाद पुलिस ने प्रगति मैदान, बोरसी स्थित टवन जाधव के घर दबिश देकर 28 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 8 चेकबुक, 8 पासबुक और 4 सिम कार्ड जब्त किए।
इसी कड़ी में पुलिस ने विनय सिंह सेंगर, राजू गायकवाड और अमित मिश्रा को भी गिरफ्तार किया। अब तक की कार्रवाई में पुलिस कुल 78 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड जब्त कर चुकी है।
अन्य आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस ने आज 12 जनवरी 2026 को फरार आरोपी विशाल मसीह को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से भी विभिन्न बैंकों की पासबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
आरोपियों के विरुद्ध थाना पदमनाभपुर में अपराध क्रमांक 566/25 धारा 317(4), 319(2), 61, 42(2), 42(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
Your email address will not be published. Required fields are marked *