निर्यात टैक्स पर भिलाई में बवाल, उद्योगपति–निगम आमने-सामने नियम विरुद्ध टैक्स वसूली का आरोप, कुर्की से भड़के उद्योगपति

निर्यात टैक्स वसूली को लेकर भिलाई में बवाल, उद्योगपतियों ने बताया नियम विरुद्ध , निगम बोला आपत्ति है तो सरकार से पूछे  भिलाई : भिलाई नगर निगम क्षेत्र में उद्योगों पर निर्यात टैक्स लगाया गया है.निर्यात टैक्स को लेकर उद्योगपतियों में नाराजगी है. उद्योगपतियों ने टैक्स को लेकर कई बार आपत्ति जताते हुए निगम से टैक्स वसूली के दस्तावेज मांगे. उद्योगपतियों का कहना है कि किस नियम के तहत सिर्फ भिलाई नगर निगम में उद्योगों से निर्यात टैक्स की वसूली हो रही है. कारोबारियों की आपत्ति पर नगर निगम की ओर से किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. आखिरकार निगम ने टैक्स नहीं देने वाले उद्योगपतियों को नोटिस देने के बाद अब कुर्की की कार्रवाई शुरु की. कुर्की की इस कार्रवाई को लेकर उद्योगपतियों में नाराजगी देखने को मिली.


उद्योग में चिपकाया कुर्की का नोटिस

बुधवार को निगम की टीम एक उद्योग में कुर्की आदेश लेकर पहुंची और नोटिस चस्पा किया. इसकी खबर मिलते ही बड़ी संख्या में उद्योगपति मौके पर इकट्ठा हो गए और इसका विरोध शुरू कर दिया. उद्योगपतियों का कहना है कि भिलाई नगर निगम क्षेत्र में 400 से अधिक उद्योग स्थापित हैं. निर्यात टैक्स पूरे प्रदेश में कहीं भी लागू नहीं है. केवल भिलाई नगर निगम ही यह टैक्स वसूल रहा है, जो पूरी तरह गलत और अवैध है.


निगम टैक्स जमा करने के लिए बना रहा दबाव

उद्योगपति अरविंदर सिंह खुराना ने बताया कि पिछले 5–6 महीनों से निगम टैक्स जमा करने का दबाव बना रहा है, जबकि ऐसा कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है.उन्होंने कहा कि 2017 से अब तक के टैक्स की मांग की जा रही है, जो उद्योगों को डराने और परेशान करने जैसा है.


निर्यात टैक्स को लेकर हम लोग कमिश्नर से भी मिल चुके हैं.लेकिन कोई भी रिजल्ट नहीं आया है. इसके बाद हम लोग सांसद विजय बघेलजी से भी मुलाकात किए.उन्होंने सख्त हिदायत दी थी कि किसी भी तरह के कुर्की का नोटिस नहीं भेजना है,फिर भी ये कुर्की का नोटिस भेजते गए. वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन से भी चर्चा की गई, फिर भी समस्या जस की तस बनी रही. अब कुर्की जैसी कार्रवाई से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है- अरविंदर सिंह खुराना,उद्योगपति


सिर्फ भिलाई में हो रही है टैक्स की वसूली

छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता के मुताबिक हमें निगम की ओर से डराया जा रहा है.जबकि जो टैक्स कहीं नहीं लग रहा वो भिलाई में वसूलने की कोशिश की जा रही है. निगम को पहले ये बताना होगा कि किन नियमों का हवाला देकर वो निर्यात टैक्स की वसूली कर रही है.


मोदी जी ने नारा दिया था कि वन नेशन वन टैक्स.इसके बाद भी समझ में नहीं आ रहा है कि किसलिए निर्यात कर लगाया जा रहा है.जबकि जीएसटी लागू होने के बाद ये साफ हो चुका है कि किसी भी तरह का निर्यात टैक्स या चुंगी कर नहीं लगाया जाएगा.फिर भी निगम जीएसटी के साथ निर्यात टैक्स उठाकर हमें नोटिस भेज रहा है.आज ये सभी कुर्की करने के लिए आ गए हैं- जितेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज


निगम सवाल करने पर नहीं दे रहा जवाब

वहीं स्टील चैंबर के अध्यक्ष राहुल बंसल के मुताबिक निगम की ओर से तुगलकी फरमान जारी किया गया है.हम तो सिर्फ निगम से जवाब चाहते हैं कि वो ये बता दें कि निर्यात टैक्स का नियम कब बना और इसकी वसूली किस तरह से हो रही है.


सबसे बड़ी तो ये है कि जो ये नियम हम लोगों के ऊपर लागू कर रहे हैं वो है ही नहीं.वो नियम 1972 का है.हम उनसे दस्तावेज मांग रहे हैं लेकिन वो दस्तावेज नहीं दिखा रहे हैं.हम उनसे 1956 के दस्तावेज मांग रहे हैं लेकिन वो हमें नहीं दे रहे हैं.हम उनसे आरटीआई के तहत जवाब मांग रहे हैं वो भी नहीं दे रहे हैं,यही नहीं हम उनसे रियायत देने की गुहार लगा रहे हैं,वो भी नहीं सुन रहे हैं- राहुल बंसल, अध्यक्ष, स्टील चैंबर


निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर इसलिए हो रही है वसूली

वहीं इस पूरे मामले में निगम आयुक्त राजीव पांडेय का कहना है कि नगर निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर है और कर्मचारियों को वेतन देने में भी दिक्कत आ रही है. इसलिए वर्ष 2017 से निर्यात टैक्स वसूला जा रहा है. उन्होंने बताया कि 12 से 15 उद्योग नियमित रूप से टैक्स दे रहे हैं और सभी को नोटिस जारी किया गया है. इस टैक्स से निगम को लगभग 50 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है.


इसमें अप्रत्यक्ष

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