भिलाई।नगर निगम भिलाई ने बकाया किराया जमा नहीं करने पर बड़ी कार्रवाई करते हुए वार्ड क्रमांक 17 स्थित आकाशगंगा व्यावसायिक परिसर की 9 दुकानों को सील कर दिया है। यह कार्रवाई निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के निर्देश पर उपायुक्त डी.के. कोसरिया के नेतृत्व में की गई।कार्रवाई के दौरान जोन-1 राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, आकाशगंगा परिसर में व्यवसाय संचालन के लिए दुकानों का आवंटन लीज पर किया गया था, जिसके तहत प्रतिमाह किराया निर्धारित किया गया था। बाद में किराए में वृद्धि की सूचना देते हुए दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन तय समय-सीमा के भीतर किराया निगम कोष में जमा नहीं कराया गया।निगम अधिकारियों के मुताबिक, जिन 9 दुकानों पर कार्रवाई की गई है, उन पर करीब 41 लाख रुपये से अधिक का किराया बकाया था। निगम की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन किराया जमा नहीं होने पर नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया और सीलिंग की कार्रवाई की गई।इस संबंध में नगर निगम भिलाई के उपायुक्त डी.के. कोसरिया ने बताया कि आकाशगंगा व्यावसायिक परिसर में नगर निगम द्वारा लीज पर दुकानें दी गई थीं, जिसमें मासिक किराया जमा करना अनिवार्य है। कुछ दुकानदारों द्वारा लंबे समय से किराया जमा नहीं किया जा रहा था। ऐसे 7 से 9 दुकानदारों को नोटिस भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ।उपायुक्त ने बताया कि अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग राशि बकाया है—किसी दुकान पर 7 लाख रुपये, किसी पर 4 लाख रुपये, तो किसी पर 2 से ढाई लाख रुपये तक का किराया बकाया है। नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील किया गया है।नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आगे भी बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्रवाई के दौरान जोन-1 राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, आकाशगंगा परिसर में व्यवसाय संचालन के लिए दुकानों का आवंटन लीज पर किया गया था, जिसके तहत प्रतिमाह किराया निर्धारित किया गया था। बाद में किराए में वृद्धि की सूचना देते हुए दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन तय समय-सीमा के भीतर किराया निगम कोष में जमा नहीं कराया गया।
निगम अधिकारियों के मुताबिक, जिन 9 दुकानों पर कार्रवाई की गई है, उन पर करीब 41 लाख रुपये से अधिक का किराया बकाया था। निगम की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन किराया जमा नहीं होने पर नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया गया और सीलिंग की कार्रवाई की गई।
इस संबंध में नगर निगम भिलाई के उपायुक्त डी.के. कोसरिया ने बताया कि आकाशगंगा व्यावसायिक परिसर में नगर निगम द्वारा लीज पर दुकानें दी गई थीं, जिसमें मासिक किराया जमा करना अनिवार्य है। कुछ दुकानदारों द्वारा लंबे समय से किराया जमा नहीं किया जा रहा था। ऐसे 7 से 9 दुकानदारों को नोटिस भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं हुआ।
उपायुक्त ने बताया कि अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग राशि बकाया है—किसी दुकान पर 7 लाख रुपये, किसी पर 4 लाख रुपये, तो किसी पर 2 से ढाई लाख रुपये तक का किराया बकाया है। नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील किया गया है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि आगे भी बकाया वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
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