दुर्ग। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 168 दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। शुक्रवार, 3 जनवरी 2026 को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा होने के बाद वे सीधे भिलाई-3 स्थित अपने निवास पहुंचे। रायपुर से भिलाई तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लंबा काफिला उनके साथ रहा। जगह-जगह फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और नारों के साथ उनका स्वागत किया गया।बताया जा रहा है कि चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को कथित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद सितंबर 2025 में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने एक अन्य भ्रष्टाचार प्रकरण में जेल में ही उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की थी। लगातार जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद अंततः 3 जनवरी 2026 को बिलासपुर हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में उन्हें जमानत दे दी।रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में चैतन्य बघेल ने कहा कि जेल में बिताया गया समय उनके लिए बेहद कठिन रहा, लेकिन आत्मचिंतन और साहित्य पढ़ने का अवसर भी मिला। उन्होंने जमानत मिलने पर अदालत का आभार जताया और कहा कि बेटे के जन्मदिन के दिन रिहा होना उनके लिए भावनात्मक रूप से खास है। राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय समय बताएगा।वहीं भूपेश बघेल खुद वाहन चलाकर बेटे को भिलाई-3 निवास लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज छेरछेरा पुन्नी है, पोते का जन्मदिन है और बेटे की रिहाई हुई है, यह उनके परिवार के लिए तीनहरी खुशी का दिन है। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं होता।
बताया जा रहा है कि चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जुलाई 2025 को कथित शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद सितंबर 2025 में एसीबी-ईओडब्ल्यू ने एक अन्य भ्रष्टाचार प्रकरण में जेल में ही उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की थी। लगातार जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद अंततः 3 जनवरी 2026 को बिलासपुर हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में उन्हें जमानत दे दी।
रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में चैतन्य बघेल ने कहा कि जेल में बिताया गया समय उनके लिए बेहद कठिन रहा, लेकिन आत्मचिंतन और साहित्य पढ़ने का अवसर भी मिला। उन्होंने जमानत मिलने पर अदालत का आभार जताया और कहा कि बेटे के जन्मदिन के दिन रिहा होना उनके लिए भावनात्मक रूप से खास है। राजनीति में सक्रिय भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय समय बताएगा।
वहीं भूपेश बघेल खुद वाहन चलाकर बेटे को भिलाई-3 निवास लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज छेरछेरा पुन्नी है, पोते का जन्मदिन है और बेटे की रिहाई हुई है, यह उनके परिवार के लिए तीनहरी खुशी का दिन है। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं होता।
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