बिलासपुर | छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा–भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW-ACB) से जुड़े मामलों में उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद करीब साढ़े पांच महीने से जेल में बंद चैतन्य बघेल की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच का फैसलामामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में हुई थी। कोर्ट ने 19 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है।18 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारीचैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को ED ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद वे लगभग 168 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहे।उनके अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिया ने कोर्ट के आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों मामलों में जमानत मिल चुकी है और रिहाई की औपचारिक प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।क्या है आरोपED का आरोप है कि शराब घोटाले से अर्जित अवैध धन में से करीब 16.70 करोड़ रुपये चैतन्य बघेल को मिले, जिसे उन्होंने रियल एस्टेट व्यवसाय में निवेश किया। इससे पहले निचली अदालतों और हाईकोर्ट में उनकी कई याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं।कांग्रेस में खुशी का माहौलहाईकोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी में खुशी की लहर देखी गई। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय की जीत बताया।भिलाई नगर विधायक और कांग्रेस प्रवक्ता देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की गई थी, लेकिन न्यायपालिका ने संतुलित फैसला दिया है।भूपेश बघेल की प्रतिक्रियापूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि“सच की हमेशा जीत होती है।”कांग्रेस ने इस फैसले को राजनीतिक दबाव के खिलाफ न्यायिक संतुलन की जीत करार दिया है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा–भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (EOW-ACB) से जुड़े मामलों में उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद करीब साढ़े पांच महीने से जेल में बंद चैतन्य बघेल की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच का फैसला
मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच में हुई थी। कोर्ट ने 19 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है।
18 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
चैतन्य बघेल को 18 जुलाई 2025 को ED ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद वे लगभग 168 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहे।
उनके अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिया ने कोर्ट के आदेश की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों मामलों में जमानत मिल चुकी है और रिहाई की औपचारिक प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी।
क्या है आरोप
ED का आरोप है कि शराब घोटाले से अर्जित अवैध धन में से करीब 16.70 करोड़ रुपये चैतन्य बघेल को मिले, जिसे उन्होंने रियल एस्टेट व्यवसाय में निवेश किया। इससे पहले निचली अदालतों और हाईकोर्ट में उनकी कई याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं।
कांग्रेस में खुशी का माहौल
हाईकोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी में खुशी की लहर देखी गई। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय की जीत बताया।
भिलाई नगर विधायक और कांग्रेस प्रवक्ता देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की गई थी, लेकिन न्यायपालिका ने संतुलित फैसला दिया है।
भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि
“सच की हमेशा जीत होती है।”
कांग्रेस ने इस फैसले को राजनीतिक दबाव के खिलाफ न्यायिक संतुलन की जीत करार दिया है।
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