भिलाई के पावर हाउस क्षेत्र स्थित फल मंडी में गुरुवार रात करीब 8 बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब श्री कृष्णा फ्रूट कंपनी के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखा फल-भंडारण, पैकिंग सामग्री और अन्य सामान जलने लगा। धुएं और लपटों को दूर से ही देखा जा सकता था, जिससे आसपास के दुकानदारों और रहवासियों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जिला सेनानी कार्यालय से दो दमकल वाहन रवाना किए गए, जिनकी मदद से लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। जिला सेनानी एवं अग्निशमन सेवा दुर्ग के जवान धनु राम यादव ने बताया कि आग काफी भीषण थी, लेकिन फायर टीम की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। आग बुझाने के साथ-साथ लगभग आधे घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति भीतर फंसा न हो।फायर टीम की प्राथमिकता आग को आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोकना रही, जिसमें टीम को पूरी सफलता मिली। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। श्री कृष्णा फ्रूट कंपनी के संचालक मृत्युंजय पांडे बताए गए हैं। इस आगजनी की घटना में कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इसी फल मंडी क्षेत्र में बड़ी आग लग चुकी है, जिसमें एक दर्जन से अधिक झोपड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों और अग्नि-सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भिलाई के पावर हाउस क्षेत्र स्थित फल मंडी में गुरुवार रात करीब 8 बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब श्री कृष्णा फ्रूट कंपनी के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखा फल-भंडारण, पैकिंग सामग्री और अन्य सामान जलने लगा। धुएं और लपटों को दूर से ही देखा जा सकता था, जिससे आसपास के दुकानदारों और रहवासियों में दहशत फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जिला सेनानी कार्यालय से दो दमकल वाहन रवाना किए गए, जिनकी मदद से लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। जिला सेनानी एवं अग्निशमन सेवा दुर्ग के जवान धनु राम यादव ने बताया कि आग काफी भीषण थी, लेकिन फायर टीम की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। आग बुझाने के साथ-साथ लगभग आधे घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति भीतर फंसा न हो।फायर टीम की प्राथमिकता आग को आसपास के अन्य प्रतिष्ठानों तक फैलने से रोकना रही, जिसमें टीम को पूरी सफलता मिली। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
श्री कृष्णा फ्रूट कंपनी के संचालक मृत्युंजय पांडे बताए गए हैं। इस आगजनी की घटना में कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इसी फल मंडी क्षेत्र में बड़ी आग लग चुकी है, जिसमें एक दर्जन से अधिक झोपड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों और अग्नि-सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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