दुर्ग।/भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण के विरोध में पिछले पांच दिनों से सिविक सेंटर में भूख हड़ताल पर बैठे भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने बुधवार को अपना उपवास समाप्त कर दिया। भिलाई निवास में बीएसपी प्रबंधन और जिला प्रशासन के साथ करीब तीन घंटे चली बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। बैठक को विधायक ने सकारात्मक और सार्थक बताया।बैठक में बीएसपी के कार्यवाहक डीआईसी ईडी (एचआर) पवन कुमार, एसडीएम पिसदा, विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा और यूनियन प्रतिनिधि सीजू एंथोनी मौजूद रहे।विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है। सेक्टर-9 अस्पताल का निजीकरण नहीं किया जाएगा, न ही इसे बेचा या किसी निजी संस्था को लीज पर दिया जाएगा। अस्पताल के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों को मिल रही सुविधाएं यथावत रहेंगी। बंद यूनिट्स को दोबारा चालू करने की दिशा में भी प्रयास होंगे ताकि मरीजों को बाहर रेफर न करना पड़े।मैत्रीबाग को भी किसी निजी संस्था को नहीं सौंपा जाएगा और यह बीएसपी के अधीन ही रहेगा। बीएसपी स्कूलों को लेकर विधायक ने कहा कि राज्य सरकार की भागीदारी के बिना किसी निजी संस्था को सौंपने पर वे सहमत नहीं हैं और कर्मचारियों की सुविधाएं आगे भी जारी रहनी चाहिए।हालांकि रिटेंशन स्कीम, दुकानों की रजिस्ट्री शुल्क और न्यूनतम वेतन जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। विधायक ने स्पष्ट किया कि बढ़े हुए रेट वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा और न्यूनतम वेतन नहीं मिलने की स्थिति में बीएसपी के मेन गेट पर अनशन किया जाएगा।विधायक ने कहा कि कुछ मांगें मानी गई हैं, लेकिन शेष मांगों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
बैठक में बीएसपी के कार्यवाहक डीआईसी ईडी (एचआर) पवन कुमार, एसडीएम पिसदा, विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल, पूर्व विधायक अरुण वोरा और यूनियन प्रतिनिधि सीजू एंथोनी मौजूद रहे।
विधायक देवेंद्र यादव ने बताया कि बैठक में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है। सेक्टर-9 अस्पताल का निजीकरण नहीं किया जाएगा, न ही इसे बेचा या किसी निजी संस्था को लीज पर दिया जाएगा। अस्पताल के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों को मिल रही सुविधाएं यथावत रहेंगी। बंद यूनिट्स को दोबारा चालू करने की दिशा में भी प्रयास होंगे ताकि मरीजों को बाहर रेफर न करना पड़े।
मैत्रीबाग को भी किसी निजी संस्था को नहीं सौंपा जाएगा और यह बीएसपी के अधीन ही रहेगा। बीएसपी स्कूलों को लेकर विधायक ने कहा कि राज्य सरकार की भागीदारी के बिना किसी निजी संस्था को सौंपने पर वे सहमत नहीं हैं और कर्मचारियों की सुविधाएं आगे भी जारी रहनी चाहिए।
हालांकि रिटेंशन स्कीम, दुकानों की रजिस्ट्री शुल्क और न्यूनतम वेतन जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। विधायक ने स्पष्ट किया कि बढ़े हुए रेट वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा और न्यूनतम वेतन नहीं मिलने की स्थिति में बीएसपी के मेन गेट पर अनशन किया जाएगा।
विधायक ने कहा कि कुछ मांगें मानी गई हैं, लेकिन शेष मांगों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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