कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और कथित धर्मांतरण की घटना के विरोध में आज छत्तीसगढ़ के सर्व समाज द्वारा प्रदेशव्यापी पूर्ण बंद का आह्वान किया गया। इस बंद को छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज सहित कई सामाजिक, व्यापारिक और धार्मिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला। दुर्ग जिले में भी बंद का असर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है।आपको बता दे की बंद का असर दुर्ग जिले में साफ तौर पर देखने को मिला। दुर्ग, भिलाई और पावर हाउस क्षेत्र के प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद रहे। सुबह से ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों के शटर नहीं खुले, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर आम दिनों की तुलना में आवाजाही कम नजर आई और बाजार क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा।सर्व समाज के नेताओं और आयोजकों ने बंद को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह बंद आमाबेड़ा की घटना के खिलाफ जनआक्रोश को लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।बंद के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, प्रमुख चौक-चौराहों पर निगरानी बढ़ाई गई और लगातार पेट्रोलिंग की गई। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।फिलहाल दुर्ग जिले में बंद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होता नजर आ रहा है।
आपको बता दे की बंद का असर दुर्ग जिले में साफ तौर पर देखने को मिला। दुर्ग, भिलाई और पावर हाउस क्षेत्र के प्रमुख बाजार पूरी तरह बंद रहे। सुबह से ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों के शटर नहीं खुले, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर आम दिनों की तुलना में आवाजाही कम नजर आई और बाजार क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा।सर्व समाज के नेताओं और आयोजकों ने बंद को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह बंद आमाबेड़ा की घटना के खिलाफ जनआक्रोश को लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।बंद के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, प्रमुख चौक-चौराहों पर निगरानी बढ़ाई गई और लगातार पेट्रोलिंग की गई। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए लोगों से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।फिलहाल दुर्ग जिले में बंद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होता नजर आ रहा है।
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