भिलाई। नगर पालिका निगम भिलाई के कथित तुगलकी फरमान के विरोध में शहर के उद्योगपति अब खुलकर सामने आ गए हैं। नगर निगम द्वारा उद्योगपतियों से एक्सपोर्ट टैक्स वसूले जाने और वर्ष 2017 से अब तक की टैक्स रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए जाने से उद्योग जगत में भारी नाराजगी है।इस मुद्दे को लेकर सोमवार को अग्रसेन भवन, खुर्सीपार में उद्योगपतियों की एक आकस्मिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी उद्योगपतियों ने सर्वसम्मति से नगर निगम के इस निर्णय पर सख्त आपत्ति जताते हुए हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय लिया। बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।उद्योगपतियों का कहना है कि नगर निगम द्वारा 2017 से टैक्स की रिकवरी निकालते हुए उसे “एक्सपोर्ट टैक्स” का नाम दिया गया है। उनका आरोप है कि यदि भिलाई नगर निगम की सीमा से बाहर किसी भी प्रकार का सामान भेजा जा रहा है, तो उस पर अलग-अलग उत्पादों के लिए अलग-अलग टैक्स लगाया जा रहा है, जो पूरी तरह से अनुचित है। उद्योगपतियों ने दावा किया कि पूरे छत्तीसगढ़ में भिलाई नगर निगम ही एकमात्र ऐसा निगम है, जहां इस तरह का टैक्स उद्योगों से वसूला जा रहा है।बैठक में यह भी तय किया गया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में क्षेत्रीय विधायक सहित दुर्ग सांसद विजय बघेल को उद्योगपतियों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। इस उद्देश्य से एमएसएमई दुर्ग जिला अध्यक्ष के.के. झा के मार्गदर्शन में एक समिति का गठन किया गया है, जो सभी उद्योगपतियों का नेतृत्व करेगी।उद्योगपतियों ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो वे अपने संस्थानों के कर्मचारियों के साथ छावनी चौक में अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर पूर्व में नगरीय निकाय मंत्री से भी मुलाकात की गई थी, लेकिन मंत्री का रुख स्पष्ट नहीं होने से असंतोष बना हुआ है।बैठक के दौरान उद्योगपतियों में नगर निगम के फैसले को लेकर गहरी नाराजगी देखी गई। इस मौके पर भिलाई एक्सपोर्ट टैक्स संघर्ष समिति का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जिसमेंसंदीप अग्रवाल को अध्यक्ष,राहुल बंसल को महासचिवऔर अतुल गर्ग को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।समिति के नेतृत्व में सभी उद्योगपति एकजुट होकर एक्सपोर्ट टैक्स के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया गया। बैठक में एमएसएमई दुर्ग जिला अध्यक्ष के.के. झा, विजय अग्रवाल, एमएसएमई के जनरल सेक्रेटरी अंकित मेहता, अतुल साहू, अरविंदर सिंह खुराना, बीएसपी एंसिलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रतनदास गुप्ता, के.एस. बेदी, चमन लाल बंसल, जयकुमार जैन, भगवान अग्रवाल, पंकज पोरवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, रविशंकर मिश्रा, मनोज अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति मौजूद रहे।अब उद्योगपतियों ने नगर निगम के निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन की ठान ली है। ऐसे में देखना होगा कि शासन-प्रशासन उद्योगपतियों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है और एक्सपोर्ट टैक्स का फैसला वापस लिया जाता है या नहीं।
भिलाई। नगर पालिका निगम भिलाई के कथित तुगलकी फरमान के विरोध में शहर के उद्योगपति अब खुलकर सामने आ गए हैं। नगर निगम द्वारा उद्योगपतियों से एक्सपोर्ट टैक्स वसूले जाने और वर्ष 2017 से अब तक की टैक्स रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए जाने से उद्योग जगत में भारी नाराजगी है।
इस मुद्दे को लेकर सोमवार को अग्रसेन भवन, खुर्सीपार में उद्योगपतियों की एक आकस्मिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित सभी उद्योगपतियों ने सर्वसम्मति से नगर निगम के इस निर्णय पर सख्त आपत्ति जताते हुए हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय लिया। बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
उद्योगपतियों का कहना है कि नगर निगम द्वारा 2017 से टैक्स की रिकवरी निकालते हुए उसे “एक्सपोर्ट टैक्स” का नाम दिया गया है। उनका आरोप है कि यदि भिलाई नगर निगम की सीमा से बाहर किसी भी प्रकार का सामान भेजा जा रहा है, तो उस पर अलग-अलग उत्पादों के लिए अलग-अलग टैक्स लगाया जा रहा है, जो पूरी तरह से अनुचित है। उद्योगपतियों ने दावा किया कि पूरे छत्तीसगढ़ में भिलाई नगर निगम ही एकमात्र ऐसा निगम है, जहां इस तरह का टैक्स उद्योगों से वसूला जा रहा है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में क्षेत्रीय विधायक सहित दुर्ग सांसद विजय बघेल को उद्योगपतियों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। इस उद्देश्य से एमएसएमई दुर्ग जिला अध्यक्ष के.के. झा के मार्गदर्शन में एक समिति का गठन किया गया है, जो सभी उद्योगपतियों का नेतृत्व करेगी।
उद्योगपतियों ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो वे अपने संस्थानों के कर्मचारियों के साथ छावनी चौक में अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर पूर्व में नगरीय निकाय मंत्री से भी मुलाकात की गई थी, लेकिन मंत्री का रुख स्पष्ट नहीं होने से असंतोष बना हुआ है।
बैठक के दौरान उद्योगपतियों में नगर निगम के फैसले को लेकर गहरी नाराजगी देखी गई। इस मौके पर भिलाई एक्सपोर्ट टैक्स संघर्ष समिति का सर्वसम्मति से गठन किया गया, जिसमें
संदीप अग्रवाल को अध्यक्ष,
राहुल बंसल को महासचिव
और अतुल गर्ग को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
समिति के नेतृत्व में सभी उद्योगपति एकजुट होकर एक्सपोर्ट टैक्स के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया गया। बैठक में एमएसएमई दुर्ग जिला अध्यक्ष के.के. झा, विजय अग्रवाल, एमएसएमई के जनरल सेक्रेटरी अंकित मेहता, अतुल साहू, अरविंदर सिंह खुराना, बीएसपी एंसिलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रतनदास गुप्ता, के.एस. बेदी, चमन लाल बंसल, जयकुमार जैन, भगवान अग्रवाल, पंकज पोरवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, रविशंकर मिश्रा, मनोज अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति मौजूद रहे।
अब उद्योगपतियों ने नगर निगम के निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन की ठान ली है। ऐसे में देखना होगा कि शासन-प्रशासन उद्योगपतियों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है और एक्सपोर्ट टैक्स का फैसला वापस लिया जाता है या नहीं।
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