रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल की शुरुआत के साथ ही सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्न पूछने के लिए विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह का नाम लिया, विपक्षी विधायकों ने सदन में ‘सत्यमेव जयते’ लिखे पोस्टर लहराने शुरू कर दिए।इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ा विरोध जताते हुए सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्यमेव जयते के पोस्टर लहराकर आखिर क्या साबित करना चाहता है। चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उस समय इस तरह की व्यवस्था और घटनाओं को विपक्ष सही मानता था।‘विधायकों को मजदूर’ कहने पर बढ़ा विवादअजय चंद्राकर की बात के दौरान ही विधायक धरमजीत सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “दो बड़े नेता पोस्टर नहीं लगाए हैं, बल्कि मजदूरों से पोस्टर लगवाकर लाए गए हैं।” इस बयान के बाद विपक्ष भड़क गया और इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया।विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और सदन में हंगामा तेज हो गया। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर पलटवार करते हुए नारे लगाए और मनरेगा योजना का संदर्भ देते हुए तीखी टिप्पणियां कीं। इस दौरान भाजपा विधायकों पर “अडानी के मजदूर” होने के आरोप भी लगाए गए।अध्यक्ष की अपील, फिर भी नहीं थमा हंगामास्थिति बिगड़ते देख विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन के भीतर बैनर और पोस्टर के प्रदर्शन से बचने की अपील की। वहीं, विधायक देवेंद्र यादव ने विधायकों को मजदूर कहे जाने को सामंती सोच बताते हुए कड़ा विरोध जताया।इसके बाद अजय चंद्राकर और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बीच तीखी बहस हो गई। चंद्राकर द्वारा प्रश्नकाल में भाषण न देने की बात कहे जाने पर महंत ने भी पलटवार किया, जिससे हंगामा और तेज हो गया।बार-बार स्थगित हुई सदन की कार्यवाहीलगातार नारेबाजी और शोरगुल के चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कुछ देर बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामा जारी रहा, जिसके चलते सदन को एक बार फिर स्थगित करना पड़ा।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ा विरोध जताते हुए सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्यमेव जयते के पोस्टर लहराकर आखिर क्या साबित करना चाहता है। चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री के कार्यकाल का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उस समय इस तरह की व्यवस्था और घटनाओं को विपक्ष सही मानता था।
‘विधायकों को मजदूर’ कहने पर बढ़ा विवाद
अजय चंद्राकर की बात के दौरान ही विधायक धरमजीत सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “दो बड़े नेता पोस्टर नहीं लगाए हैं, बल्कि मजदूरों से पोस्टर लगवाकर लाए गए हैं।” इस बयान के बाद विपक्ष भड़क गया और इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान बताया।
विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और सदन में हंगामा तेज हो गया। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर पलटवार करते हुए नारे लगाए और मनरेगा योजना का संदर्भ देते हुए तीखी टिप्पणियां कीं। इस दौरान भाजपा विधायकों पर “अडानी के मजदूर” होने के आरोप भी लगाए गए।
अध्यक्ष की अपील, फिर भी नहीं थमा हंगामा
स्थिति बिगड़ते देख विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन के भीतर बैनर और पोस्टर के प्रदर्शन से बचने की अपील की। वहीं, विधायक देवेंद्र यादव ने विधायकों को मजदूर कहे जाने को सामंती सोच बताते हुए कड़ा विरोध जताया।
इसके बाद अजय चंद्राकर और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बीच तीखी बहस हो गई। चंद्राकर द्वारा प्रश्नकाल में भाषण न देने की बात कहे जाने पर महंत ने भी पलटवार किया, जिससे हंगामा और तेज हो गया।
बार-बार स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
लगातार नारेबाजी और शोरगुल के चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कुछ देर बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामा जारी रहा, जिसके चलते सदन को एक बार फिर स्थगित करना पड़ा।
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