बीजापुर जिले में राज्य सरकार की “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति के तहत नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। आज 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की।आत्मसमर्पण करने वालों पर कुल 84 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 07 महिला और 27 पुरुष माओवादी शामिल हैं, जो दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, तेलंगाना स्टेट कमेटी और AOB डिवीजन से जुड़े हुए थे।सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और राज्य सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। यह आत्मसमर्पण पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।प्रशासन के अनुसार, यह कदम न केवल नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि पुनर्वास नीति की सफलता का भी प्रमाण है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को सरकार की नीति के तहत पुनर्वास, सहायता और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
आत्मसमर्पण करने वालों पर कुल 84 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 07 महिला और 27 पुरुष माओवादी शामिल हैं, जो दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, तेलंगाना स्टेट कमेटी और AOB डिवीजन से जुड़े हुए थे।
सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई और राज्य सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। यह आत्मसमर्पण पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
प्रशासन के अनुसार, यह कदम न केवल नक्सल उन्मूलन अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि पुनर्वास नीति की सफलता का भी प्रमाण है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को सरकार की नीति के तहत पुनर्वास, सहायता और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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