छत्तीसगढ़ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया पर ‘ब्रेक’, क्या सरकार के फैसले के पीछे छिपा है कोई राज...?

रायपुर. 

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के साथ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर भी हलचल तेज थी, लेकिन फिलहाल पंचायत चुनाव टलते नजर आ रहे हैं, क्योंकि छत्तीसगढ़ शासन ने 19 दिसंबर को होने वाली पंचायत चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से आदेश जारी करके अगले निर्देश तक पंचायत चुनावों के लिए होने वाली आरक्षण की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।


पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से जारी आदेश से ऐसा माना माना जा रहा है कि प्रदेश शासन का अब फिलहाल निकाय चुनाव पर ही फोकस होगा और उसके बाद ही पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि यह केवल कयासबाजी है, क्योंकि ऐसी कोई बात आधिकारिक तौर पर नहीं की गई है। दरअसल, पहले इस बात की चर्चा तेज थी कि छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एकसाथ कराए जा सकते हैं। 


17 और 19 दिसंबर को होना था आरक्षण

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को सरगर्मी के बीच पंच और सरपंच पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया की तारीख भी सामने आ गई थी, जिसमें महिलाओं के वर्गवार आबंटन और आरक्षण कार्रवाई होनी थी, इसके लिए 17 और 19 दिसंबर का दिन तय किया गया था। कई जिलों के कलेक्टरों ने तो इसके हिसाब से आदेश भी जारी कर दिया था, लेकिन सोमवार की शाम को पंचायत विभाग की तरफ से आदेश जारी कर इसे रोक दिया गया है। 


चुनाव थोड़ा बहुत आगे-पीछे हो सकता है

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव तारन प्रकाश सिन्हा ने जारी आदेश में पंचायत चुनाव के वार्डों के आरक्षण पर अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया है। अब इस पूरे मामले पर दिग्गज भाजपा विधायक अजय चंद्राकर का बयान सामने आया है। अजय चंद्राकर ने कहा कि जरूर कोई विषय रहा होगा। स्थानीय संस्थानों के चुनाव निश्चित समय में कराए जाने है। चुनाव थोड़ा बहुत आगे-पीछे हो सकता है। चुनाव को लेकर शासन की पूरी तैयारी है। 

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