भिलाई । नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब जिसे आज श्री गुरु नानक देव सरोवर के नाम से जाना जाता है आज भी यह तालाब अपनी दुर्दशा की कहानी निगम के अधिकारियों को बता रहा है। परंतु इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। तालाब में फैली कचरा और गंदगी निगम अधिकारियों के स्वच्छता अभियान की पोल खोलने पर्याप्त है।नगर पालिक निगम भिलाई अपने क्षेत्र के तालाबों के उचित रखरखाव को लेकर इन्हें निजी एजेंसियों और समितियों को मांग के आधार पर सौंपा था। जिसमें से एक नेहरू नगर का भेलवा तालाब भी था। जिसे उसी तालाब के बगल में स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुनानक सर कि समिति ने लिया था परंतु आज भी यह तालाब अपनी दुर्दशा की कहानी बयां कर रहा है। तालाब परिसर में यकीनन कुछ खूबसूरत बदलाव किए गए हैं। परंतु तालाब जस का तस पड़ा हुआ है। और इसकी सुध लेने वाला कोई भी नहीं है। इस तालाब में एक खिलाड़ी तैराक की तालाब के अंदर उगी हुई झाड़ियों में फंसने से मौत भी हो गई थी। बावजूद इसके इस तालाब में यह झाड़ियां अभी भी नजर आती है। और यह तालाब चारों तरफ गंदगी से अटा पड़ा हुआ है। इस तालाब का पूर्व में सौंदर्यीकरण करने की बातें कही गई थी जो केवल कागजी साबित हुई। सरोवर धरोहर योजना के तहत इस तालाब का सौयंद्रीकरण नहीं किया जा सका। इस तालाब में प्रतिदिन सुबह-शाम सभी आयु वर्ग के लोग टहलने घूमने फिरने आते हैं तालाब की दुर्दशा को देखकर सभी में आक्रोश है। वही निगम का स्वास्थ्य विभाग का अमला तालाब में फैली कचरा और गंदगी को देख कर भी अनदेखा कर रहा है। नेहरू नगर का यह भेल्वा तालाब जिसे श्री गुरु नानक देव सरोवर का नाम लिया गया है इस परिसर मैं सुबह और शाम क्षेत्रवासी स्वास्थ्य लाभ लेने आते हैं जिसे देखते हुए जिस प्रकार इस परिसर में बदलाव किए गए हैं। वैसे ही तालाब के भीतर साफ सफाई की आवश्यकता है। जिससे इस सरोवर के परिसर की तरह इस सरोवर का पानी भी स्वच्छ और निर्मल हो सके।।
भिलाई । नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब जिसे आज श्री गुरु नानक देव सरोवर के नाम से जाना जाता है आज भी यह तालाब अपनी दुर्दशा की कहानी निगम के अधिकारियों को बता रहा है। परंतु इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। तालाब में फैली कचरा और गंदगी निगम अधिकारियों के स्वच्छता अभियान की पोल खोलने पर्याप्त है।
नगर पालिक निगम भिलाई अपने क्षेत्र के तालाबों के उचित रखरखाव को लेकर इन्हें निजी एजेंसियों और समितियों को मांग के आधार पर सौंपा था। जिसमें से एक नेहरू नगर का भेलवा तालाब भी था। जिसे उसी तालाब के बगल में स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुनानक सर कि समिति ने लिया था परंतु आज भी यह तालाब अपनी दुर्दशा की कहानी बयां कर रहा है। तालाब परिसर में यकीनन कुछ खूबसूरत बदलाव किए गए हैं।
परंतु तालाब जस का तस पड़ा हुआ है। और इसकी सुध लेने वाला कोई भी नहीं है। इस तालाब में एक खिलाड़ी तैराक की तालाब के अंदर उगी हुई झाड़ियों में फंसने से मौत भी हो गई थी। बावजूद इसके इस तालाब में यह झाड़ियां अभी भी नजर आती है। और यह तालाब चारों तरफ गंदगी से अटा पड़ा हुआ है। इस तालाब का पूर्व में सौंदर्यीकरण करने की बातें कही गई थी जो केवल कागजी साबित हुई। सरोवर धरोहर योजना के तहत इस तालाब का सौयंद्रीकरण नहीं किया जा सका। इस तालाब में प्रतिदिन सुबह-शाम सभी आयु वर्ग के लोग टहलने घूमने फिरने आते हैं तालाब की दुर्दशा को देखकर सभी में आक्रोश है। वही निगम का स्वास्थ्य विभाग का अमला तालाब में फैली कचरा और गंदगी को देख कर भी अनदेखा कर रहा है।
नेहरू नगर का यह भेल्वा तालाब जिसे श्री गुरु नानक देव सरोवर का नाम लिया गया है इस परिसर मैं सुबह और शाम क्षेत्रवासी स्वास्थ्य लाभ लेने आते हैं जिसे देखते हुए जिस प्रकार इस परिसर में बदलाव किए गए हैं। वैसे ही तालाब के भीतर साफ सफाई की आवश्यकता है। जिससे इस सरोवर के परिसर की तरह इस सरोवर का पानी भी स्वच्छ और निर्मल हो सके।।
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