अस्पताल से जुड़े दिल के मरीजों को भी मैसेज भेजकर दी जानकारीभिलाई। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर भिलाई के स्पर्श हॉस्पिटल ने एक नई पहल की। हृदय रोग विशेषज्ञों ने न केवल अस्पताल में मौजूद मरीजों को दिल को स्वस्थ रखने के तरीके बताए, बल्कि अस्पताल से जुड़े मरीजों को मैसेज भेजकर इसकी जानकारी भी दी। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हृदय रोग से जुड़ी मरीजों की शंकाओं का समाधान भी किया।स्पर्श अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद असलम खान के अनुसार दिल की बीमारी हमारी जीवनशैली से जुड़ी हुई है। अगर हम अपनी जीवनशैली को व्यवस्थित और नियंत्रित रखते हैं तो हृदय रोगों से काफी हद तक बचा जा सकता है। एक समय तक वही लोग हृदय रोग का शिकार होते थे, जिनके घर के सदस्यों का हृदय रोग का इतिहास होता था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अब ऐसे लोग भी दिल की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिनके घर में पहले कभी कोई हृदय रोगी नहीं रहा है। इसकी प्रमुख वजह हमारी अव्यवस्थित जीवन शैली है। जो लोग शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होते, मोटापे का शिकार हैं, तनाव लेते हैं और अधिक वसा वाले भोजन का सेवन करते हैं, उनमें दिल से जुड़ी बीमारियां होने की आशंका ज्यादा होती है।ऐसे बचें हृदय रोग सेडॉ. मोहम्मद असलम खान ने बताया कि हृदय रोग से बचने के लिए हफ्ते में कम से कम एक दिन इंटेंस एक्सरसाइज करें। इंटेंस का मतलब भारी वजन से नहीं, बल्कि सक्रियता और तेज गति से है। इसके अलावा सप्ताह में पांच दिन कम से कम आधे घंटे नियमित व्यायाम जरूर करें। शरीर के वजन पर नियंत्रण रखें। चेक करें कि आपका वजन आपकी लंबाई के अनुसार है या नहीं। अगर नहीं है तो वजन कम करने की दिशा में आज से ही प्रयास शुरू कर दें। वसा युक्त भोजन से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। फाइबर युक्त भोजन दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है। इसलिए अनाज, फल-सब्जियां, छिलके सहित आलू आदि फाइबर युक्त भोजन का प्रयोग करें। कोशिश करें कि भोजन में नमक की मात्रा कम हो। ज्यादा नमक दिल के लिए ठीक नहीं है। धूम्रपान और शराब से जितना हो सकें बचें।(TNS)
अस्पताल से जुड़े दिल के मरीजों को भी मैसेज भेजकर दी जानकारी
भिलाई। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर भिलाई के स्पर्श हॉस्पिटल ने एक नई पहल की। हृदय रोग विशेषज्ञों ने न केवल अस्पताल में मौजूद मरीजों को दिल को स्वस्थ रखने के तरीके बताए, बल्कि अस्पताल से जुड़े मरीजों को मैसेज भेजकर इसकी जानकारी भी दी। इस दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हृदय रोग से जुड़ी मरीजों की शंकाओं का समाधान भी किया।
स्पर्श अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद असलम खान के अनुसार दिल की बीमारी हमारी जीवनशैली से जुड़ी हुई है। अगर हम अपनी जीवनशैली को व्यवस्थित और नियंत्रित रखते हैं तो हृदय रोगों से काफी हद तक बचा जा सकता है। एक समय तक वही लोग हृदय रोग का शिकार होते थे, जिनके घर के सदस्यों का हृदय रोग का इतिहास होता था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अब ऐसे लोग भी दिल की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं, जिनके घर में पहले कभी कोई हृदय रोगी नहीं रहा है। इसकी प्रमुख वजह हमारी अव्यवस्थित जीवन शैली है। जो लोग शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होते, मोटापे का शिकार हैं, तनाव लेते हैं और अधिक वसा वाले भोजन का सेवन करते हैं, उनमें दिल से जुड़ी बीमारियां होने की आशंका ज्यादा होती है।
ऐसे बचें हृदय रोग से
डॉ. मोहम्मद असलम खान ने बताया कि हृदय रोग से बचने के लिए हफ्ते में कम से कम एक दिन इंटेंस एक्सरसाइज करें। इंटेंस का मतलब भारी वजन से नहीं, बल्कि सक्रियता और तेज गति से है। इसके अलावा सप्ताह में पांच दिन कम से कम आधे घंटे नियमित व्यायाम जरूर करें। शरीर के वजन पर नियंत्रण रखें। चेक करें कि आपका वजन आपकी लंबाई के अनुसार है या नहीं। अगर नहीं है तो वजन कम करने की दिशा में आज से ही प्रयास शुरू कर दें। वसा युक्त भोजन से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। फाइबर युक्त भोजन दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है। इसलिए अनाज, फल-सब्जियां, छिलके सहित आलू आदि फाइबर युक्त भोजन का प्रयोग करें। कोशिश करें कि भोजन में नमक की मात्रा कम हो। ज्यादा नमक दिल के लिए ठीक नहीं है। धूम्रपान और शराब से जितना हो सकें बचें।(TNS)
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