अम्बिकापुर। दोहरे हत्याकांड के मामले में सजा काट रहे एक कैदी ने केंद्रीय जेल के बैरक में गुरुवार की रात लगभग 11 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं एक अन्य बीमार कैदी की उपचार के दौरान जिला अस्पताल अंबिकापुर में मौत हो गई। एक ही दिन में दो कैदियों की अलग-अलग घटनाओं में हुई मौत से अंबिकापुर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।सजायाफ्ता कैदी रामायण साहू की मौत मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जेल प्रबंधन ने एक हवलदार और एक प्रहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मृतक बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर का रहने वाला था। सात अप्रैल 2019 को उसे रामानुजगंज जेल से अम्बिकापुर केंद्रीय जेल में शिफ्ट किया गया था।मिली जानकारी के अनुसार रामायण साहू दोहरे हत्याकांड का आजीवन कारावास काट रहा था। वह मानसिक रूप से बीमार था। इस वजह से उसे जेल में अलग से सेल में रखा गया था। 5 मार्च को रात में बिजली बंद हुई। अंधेरे का फायदा उठाकर उसने कंबल फाड़कर खिड़की के राड में फांसी लगा ली। बिजली सप्लाई शुरू हुई तो जेल प्रहरी सेल का नजारा देखकर दंग रह गए। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सजायाफ्ता कैदी रामायण साहू की मौत मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर जेल प्रबंधन ने एक हवलदार और एक प्रहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मृतक बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर का रहने वाला था। सात अप्रैल 2019 को उसे रामानुजगंज जेल से अम्बिकापुर केंद्रीय जेल में शिफ्ट किया गया था।
मिली जानकारी के अनुसार रामायण साहू दोहरे हत्याकांड का आजीवन कारावास काट रहा था। वह मानसिक रूप से बीमार था। इस वजह से उसे जेल में अलग से सेल में रखा गया था। 5 मार्च को रात में बिजली बंद हुई। अंधेरे का फायदा उठाकर उसने कंबल फाड़कर खिड़की के राड में फांसी लगा ली। बिजली सप्लाई शुरू हुई तो जेल प्रहरी सेल का नजारा देखकर दंग रह गए। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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