पीए. ओझा,रायपुर-- छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन में जल्द ही बड़ा परिवर्तन होने वाला है ! इस फेरबदल की कयास 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद से लगाए जा रहे थे ! लेकिन प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद विक्रम उसेंडी के कमान संभालते ही लोकसभा चुनाव होने केकारण बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ ! उसके बाद जिला स्तर पर फेरबदल की कवायद भी खासी विवाद की स्थिति निर्मित हो गई ! जिसके कारण अभी तक सभी जिलाध्यक्ष नहीं बदले जा सके ! खींचतान ऐसी मची कि,बड़े नेता अपने पसंद का मंडल अध्यक्ष बनाने अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी ! अंदरूनी खींचतान का नतीजा यह रहा की लोकसभा में भारी सफलता के चंद महिनों बाद नगरी निकाय चुनाव में पार्टी को मुंह की खानी पड़ी लगभग सारे बड़े निगम में पार्टी को करारी शिकस्त मिली !ऐसे में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित संगठन स्तर पर तमाम बड़े चेहरों के बदलाव का मन बना चुका है !पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों से राष्ट्रबोध डॉट कॉम को मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह को केंद्र की राजनीति में व्यस्त रखने की योजना बनी है ! छत्तीसगढ़ की राजनीति के मौजूदा हालातों में विजय बघेल की अगुआई में कांग्रेस जिस तरह से आक्रमक राजनीति कर रही है उसे देखते हुए भाजपा को भी अपनी रणनीति बदलने की आवश्यकता है !ऐसे बदले हुए हालातों में सांसद विजय बघेल को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने की प्रबलतम सम्भावना बन चुकी है ! विजय बघेल जिन्होंने दुर्ग से लगभग 4 लाख रिकॉर्ड वोटों से दुर्ग लोकसभा से उन हालातों में विजय हासिल की जब उन्हें स्थानीय संगठन खेमा कोई मदद नहीं कर रहा था । साथ ही मुख्यमंत्री,गृहमंत्री सहित 4-4 मंत्रियों का निर्वाचन जिला होने के कारण कांग्रेस ने भी दुर्ग लोकसभा को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया था।
रायपुर-- छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन में जल्द ही बड़ा परिवर्तन होने वाला है ! इस फेरबदल की कयास 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद से लगाए जा रहे थे ! लेकिन प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद विक्रम उसेंडी के कमान संभालते ही लोकसभा चुनाव होने केकारण बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ ! उसके बाद जिला स्तर पर फेरबदल की कवायद भी खासी विवाद की स्थिति निर्मित हो गई ! जिसके कारण अभी तक सभी जिलाध्यक्ष नहीं बदले जा सके ! खींचतान ऐसी मची कि,बड़े नेता अपने पसंद का मंडल अध्यक्ष बनाने अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी ! अंदरूनी खींचतान का नतीजा यह रहा की लोकसभा में भारी सफलता के चंद महिनों बाद नगरी निकाय चुनाव में पार्टी को मुंह की खानी पड़ी लगभग सारे बड़े निगम में पार्टी को करारी शिकस्त मिली !
ऐसे में पार्टी का शीर्ष नेतृत्व छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित संगठन स्तर पर तमाम बड़े चेहरों के बदलाव का मन बना चुका है !पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों से राष्ट्रबोध डॉट कॉम को मिली जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह को केंद्र की राजनीति में व्यस्त रखने की योजना बनी है ! छत्तीसगढ़ की राजनीति के मौजूदा हालातों में विजय बघेल की अगुआई में कांग्रेस जिस तरह से आक्रमक राजनीति कर रही है उसे देखते हुए भाजपा को भी अपनी रणनीति बदलने की आवश्यकता है !
ऐसे बदले हुए हालातों में सांसद विजय बघेल को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने की प्रबलतम सम्भावना बन चुकी है ! विजय बघेल जिन्होंने दुर्ग से लगभग 4 लाख रिकॉर्ड वोटों से दुर्ग लोकसभा से उन हालातों में विजय हासिल की जब उन्हें स्थानीय संगठन खेमा कोई मदद नहीं कर रहा था । साथ ही मुख्यमंत्री,गृहमंत्री सहित 4-4 मंत्रियों का निर्वाचन जिला होने के कारण कांग्रेस ने भी दुर्ग लोकसभा को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया था।
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