पीए. ओझा,भिलाईनगर.23/12/19 - भिलाई टाउनशिप की जमीन पर दुकान और मकान बनाकर रहने वालों पर कार्रवाई न होने के खिलाफ एक बार फिर लीज समिति का गुस्सा फूटा। समिति ने कहा-प्रबंधन द्वारा पीपी एक्ट 1971 में दिए गए प्रावधान के तहत सभी अवैध कब्जाधारियों पर समान रूप से कार्यवाही न कर दोहरी नीति एवं पक्षपात पूर्ण कार्यवाही कर रही है।अध्यक्ष राजेंद्र सिंह परगनिहा ने कहा कि भिलाई टाउनशिप में बीएसपी आवासों का ताला तोड़कर कर 6000 से अधिक लोग कई वर्षों से निवास कर रहे हैं। उनके आवास किराया, बिजली, पानी के शुल्कों का बकाया राशि की गणना कर उनकी वसूली के लिए क्या कर रहे हैं? उनसे होने वाले राजस्व हानि की चिंता क्यों नहीं है? क्या वे मुफ्त में रहेंगे? इन सभी प्रश्नों का जवाब उनसे नहीं मिला। इसी तरह भिलाई टाउनशिप के चारों दिशा में बीएसपी के भूमि खुर्सीपार, कैंप, नेवई, उतई, उमरपोटी, स्टेशन मरोदा क्षेत्रों में हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा करने वालों सभी पर पीपी एक्ट के तहत संपदा न्यायालय में प्रकरण बीएसपी प्रबंधन क्यों नहीं पेश कर रहा। भिलाई पॉवर हाउस से जोन-3 खुर्सीपार तक बेश कीमती जमीनों पर कई बड़े-बड़े व्यवसायियों के अवैध कब्जा संबंधी संपदा न्यायालय से 15 वर्ष पूर्व पारित बेदखली आदेशों पर पालन नहीं हो रहा है। इसका दस्तावेज नगर सेवाएं विभाग के आला अधिकारियों को सौंपा जा चुका है। बैठक में पीआर वर्मा, पीसी शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, बीपी. राजपूत, टीकम वर्मा, बीपी चौरसिया, शत्रुध्ान धनकर, नारद साहू, धनाऊ मंडावी, केआर. साहू, पुनाराम, तेनसिंह राजपूत, नंदकुमार वर्मा, हरेंद्र पांडेय, अनिल साहू, लियाक़त अली, चेतन यादव, सत्यदेव प्रसाद, रमेश पाल, एसएल चंद्रवंशी, गजानंद, तुलसी साहू, शंकर साहू, सुरेंद्र मोहंती, आरके चौबे, बोरकर, जीएल देवदास, एमआर अनंत, राजहरा से रमेश पेंढारकर आदि उपस्थित थे।
पीए. ओझा,
भिलाईनगर.23/12/19 - भिलाई टाउनशिप की जमीन पर दुकान और मकान बनाकर रहने वालों पर कार्रवाई न होने के खिलाफ एक बार फिर लीज समिति का गुस्सा फूटा। समिति ने कहा-प्रबंधन द्वारा पीपी एक्ट 1971 में दिए गए प्रावधान के तहत सभी अवैध कब्जाधारियों पर समान रूप से कार्यवाही न कर दोहरी नीति एवं पक्षपात पूर्ण कार्यवाही कर रही है।
अध्यक्ष राजेंद्र सिंह परगनिहा ने कहा कि भिलाई टाउनशिप में बीएसपी आवासों का ताला तोड़कर कर 6000 से अधिक लोग कई वर्षों से निवास कर रहे हैं। उनके आवास किराया, बिजली, पानी के शुल्कों का बकाया राशि की गणना कर उनकी वसूली के लिए क्या कर रहे हैं? उनसे होने वाले राजस्व हानि की चिंता क्यों नहीं है? क्या वे मुफ्त में रहेंगे? इन सभी प्रश्नों का जवाब उनसे नहीं मिला। इसी तरह भिलाई टाउनशिप के चारों दिशा में बीएसपी के भूमि खुर्सीपार, कैंप, नेवई, उतई, उमरपोटी, स्टेशन मरोदा क्षेत्रों में हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा करने वालों सभी पर पीपी एक्ट के तहत संपदा न्यायालय में प्रकरण बीएसपी प्रबंधन क्यों नहीं पेश कर रहा।
भिलाई पॉवर हाउस से जोन-3 खुर्सीपार तक बेश कीमती जमीनों पर कई बड़े-बड़े व्यवसायियों के अवैध कब्जा संबंधी संपदा न्यायालय से 15 वर्ष पूर्व पारित बेदखली आदेशों पर पालन नहीं हो रहा है। इसका दस्तावेज नगर सेवाएं विभाग के आला अधिकारियों को सौंपा जा चुका है।
बैठक में पीआर वर्मा, पीसी शर्मा, राजेन्द्र शर्मा, बीपी. राजपूत, टीकम वर्मा, बीपी चौरसिया, शत्रुध्ान धनकर, नारद साहू, धनाऊ मंडावी, केआर. साहू, पुनाराम, तेनसिंह राजपूत, नंदकुमार वर्मा, हरेंद्र पांडेय, अनिल साहू, लियाक़त अली, चेतन यादव, सत्यदेव प्रसाद, रमेश पाल, एसएल चंद्रवंशी, गजानंद, तुलसी साहू, शंकर साहू, सुरेंद्र मोहंती, आरके चौबे, बोरकर, जीएल देवदास, एमआर अनंत, राजहरा से रमेश पेंढारकर आदि उपस्थित थे।
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